आखिर कौन है ग्रेटा थनबर्ग, जिसका नाम पूरी दुनिया में गूंज उठा है?

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  सितंबर 29, 2019   11:58
  • Like
आखिर कौन है ग्रेटा थनबर्ग, जिसका नाम पूरी दुनिया में गूंज उठा है?
Image Source: Google

स्टॉकहोम में 3 जनवरी 2003 को जन्मी ग्रेटा की मां एक अन्तरराष्ट्रीय ओपेरा सिंगर मालेना एमान हैं, जबकि पिता स्वांते थनबर्ग भी अभिनय की दुनिया में एक जाना माना नाम हैं। केवल आठ वर्ष की उम्र में ग्रेटा ने जलवायु परिवर्तन के बारे में सुना और उसे इस दिशा में बरती जा रही लापरवाही को लेकर चिंता होने लगी।

नयी दिल्ली। दुनिया के सातवें सबसे अमीर और संपन्न देश स्वीडन में रहने वाली ग्रेटा थनबर्ग पिछले एक वर्ष से ग्लोबल वार्मिंग के खिलाफ आक्रामक अभियान पर है और उसके प्रयासों का ही नतीजा है कि इस वर्ष उसके देश में हवाई यात्रा करने वालों की संख्या में पिछले साल के मुकाबले 8 प्रतिशत की कमी आई है। वह कहने को छोटी सी लड़की है पर दुनिया को पर्यावरण के खतरे से बचाने के लिए हर मंच पर दस्तक देती है। स्कूल से छुट्टी लेकर स्वीडन की संसद के सामने धरना प्रदर्शन करने से शुरूआत करने वाली ग्रेटा संयुक्त राष्ट्र के मंच से दुनियाभर के बड़े नेताओं को पर्यावरण को बर्बाद करने के लिए फटकार लगाती है और फिर अगले ही पल उन्हें आने वाले खतरे से आगाह करते हुए कुछ ठोस कदम उठाने की गुहार लगाती है।

स्टॉकहोम में 3 जनवरी 2003 को जन्मी ग्रेटा की मां एक अन्तरराष्ट्रीय ओपेरा सिंगर मालेना एमान हैं, जबकि पिता स्वांते थनबर्ग भी अभिनय की दुनिया में एक जाना माना नाम हैं। केवल आठ वर्ष की उम्र में ग्रेटा ने जलवायु परिवर्तन के बारे में सुना और उसे इस दिशा में बरती जा रही लापरवाही को लेकर चिंता होने लगी। 11 वर्ष की उम्र तक आते आते ग्रेटा को अवसाद और मनोरोग ने घेर लिया, लेकिन नन्ही बच्ची ने बड़ी हिम्मत के साथ एस्परजर सिंड्रोम का मुकाबला किया और इसकी वजह से आने वाली दिक्कतों के सामने घुटने टेकने की बजाय इसे अपनी हिम्मत बनाकर नये हौंसले के साथ पर्यावरण संरक्षण की अपनी मुहिम में जुट गई।

ग्रेटा ने शुरूआत अपने घर से ही की और अपने माता पिता को मांसाहार का त्याग करने और विमान से यात्रा न करने के लिए तैयार किया। मालेना को अपने संगीत कार्यक्रमों के लिए अकसर दूसरे देशों में जाना होता था और परिवहन के किसी अन्य साधन से पहुंचना संभव नहीं था, लिहाजा उन्होंने दुनिया को बचाने निकली अपनी बेटी के लिए ओपेरा सिंगर के अपने अन्तरराष्ट्रीय करियर का बलिदान कर दिया। पर्यावरण को बेहतर बनाने की दिशा में ग्रेटा की इस पहल से उसका यह विश्वास पक्का हो गया कि अगर सही दिशा में प्रयास किए जाएं तो बदलाव लाया जा सकता है। 2018 में 15 वर्ष की उम्र में ग्रेटा ने स्कूल से छुट्टी ली और स्वीडन की संसद के सामने प्रदर्शन किया। उसके हाथ में एक बड़ी सी तख्ती थी, जिसपर बड़े अक्षरों में ‘स्कूल स्ट्राइक फॉर क्लाइमेट’ लिखा था।

इसे भी पढ़ें: युवा आंदोलन की आवाज बन चुकी Greta Thunberg को मिला वैकल्पिक नोबेल पुरस्कार

देखते ही देखते उसका अभियान रफ्तार पकड़ गया और बहुत से स्कूलों के बच्चे पर्यावरण संरक्षण की इस मुहिम में ग्रेटा के हमकदम बन गए। उसके बोलने का लहजा और शब्दों के चयन ने उसे देखते ही देखते एक अन्तरराष्ट्रीय पर्यावरण कार्यकर्ता बना दिया। इस काम में सोशल मीडिया ने उसकी खासी मदद की। अन्तरराष्ट्रीय मंचों पर उसे तकरीर के लिए बुलाया जाने लगा। मई 2019 में उसके भाषणों का संग्रह प्रकाशित हुआ, जिसे हाथोंहाथ लिया गया। इन दिनों वह स्कूल से एक साल की छुट्टी पर है। पिता को बेटी की पढ़ाई का हर्जा होने का दुख तो है, लेकिन इस बात की उम्मीद है कि उनकी पीढ़ी ने पर्यावरण को बर्बाद करने की जो गलती है, उनकी बेटी की रहनुमाई में आने वाली पीढ़ी उसे सुधारने की कोशिश कर सकती है।







मरयम नवाज ने ‘‘कठपुतली’’ इमरान खान को लताड़ा, फोन टैपिंग को लेकर कहीं ये बात

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 30, 2020   18:01
  • Like
मरयम नवाज ने ‘‘कठपुतली’’ इमरान खान को लताड़ा, फोन टैपिंग को लेकर कहीं ये बात
Image Source: Google

पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज की उपाध्यक्ष मरयम नवाज ने कहा कि हिम्मत है तो फोन टैपिंग पर आईएसआई से सवाल करें ‘कठपुतली’ प्रधानमंत्री इमरान खान।पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पुत्री ने कहा, ‘‘इस कठपुतली और चयनित प्रधानमंत्री इमरान में आईएसआई से यह तक पूछने की हिम्मत नहीं है कि वह उनके फोन क्यों टैप कर रही है।

लाहौर। पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) की उपाध्यक्ष मरयम नवाज ने सोमवार को कहा कि पाकिस्तान के ‘‘कठपुतली’’ प्रधानमंत्री इमरान खान अपने फोन टैप किए जाने पर देश की खुफिया एजेंसी आईएसआई से सवाल करने का ‘‘कुछ साहस’’दिखाएं। उनकी टिप्पणी प्रधानमंत्री के इस खुलासे के बाद आई है कि वह जानते हैं कि एजेंसियां उनके फोन टैप कर रही हैं। पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पुत्री ने कहा, ‘‘इस कठपुतली और चयनित प्रधानमंत्री इमरान में आईएसआई से यह तक पूछने की हिम्मत नहीं है कि वह उनके फोन क्यों टैप कर रही है। उन्हें आईएसआई से कहना चाहिए कि यह प्रधानमंत्री के अधीन आने वाले संस्थान का काम नहीं है।’’

इसे भी पढ़ें: बाइडेन की टीम में शामिल हो सकती है एक और भारतीय, जानिए कौन है नीरा टंडन?

उन्होंने कहा, ‘‘आईएसआई प्रधानमंत्री और उनके फोन टैप करती है। यह मेरे लिए खबर नहीं है। यदि इस कठपुतली (इमरान खान) में थोड़ी भी हिम्मत है तो उन्हें इस मुद्दे पर आईएसआई को फटकार लगानी चाहिए।’’ खान ने हाल में एक स्थानीय टीवी चैनल से कहा था, ‘‘मैं जो करता हूं और फोन पर किससे बात करता हूं, आईएसआई और आईबी (खुफिया ब्यूरो) इस बारे में जानते हैं।’’ यह पूछे जाने पर कि क्या उनका फोन टैप किया जाना उनके लिए कोई मुद्दा नहीं है, खान ने कहा था कि यह पूरी दुनिया में होता है। यहां तक कि अमेरिका में सीआईए भी यही करती है।







कुत्ते के साथ खेलते वक्त चोटिल हुए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 30, 2020   16:26
  • Like
कुत्ते के साथ खेलते वक्त चोटिल हुए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन
Image Source: Google

अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडनअपने कुत्ते के साथ खेलते हुए चोटिल हो गए।बाइडन का उपचार कर रहे डॉ. केविन ओकोन्नोर ने रविवार को कहा, ‘‘शुरुआती एक्स-रे में किसी तरह का फ्रैक्चर पता नहीं चला। लेकिन क्लिनिकल जांच में गहराई से देखने की जरूरत लगी।

वाशिंगटन। अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन के एक पैर में मामूली फ्रैक्चर हुआ है और उन्हें चलने के लिए अब कई हफ्तों तक ‘वॉकिंग बूट’ की जरूरत पड़ेगी। उनके चिकित्सक ने यह जानकारी दी। शनिवार को अपने पालतू कुत्ते ‘मेजर’ के साथ खेलते वक्त बाइडन का पैर फिसलने से उनका टखना मुड़ गया था। बाइडन ने गत 20 नवंबर को अपना 78वां जन्मदिन मनाया और वह अमेरिकी इतिहास के सबसे उम्रदराज राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं।

इसे भी पढ़ें: बाइडेन की टीम में शामिल हो सकती है एक और भारतीय, जानिए कौन है नीरा टंडन?

बाइडन का उपचार कर रहे डॉ. केविन ओकोन्नोर ने रविवार को कहा, ‘‘शुरुआती एक्स-रे में किसी तरह का फ्रैक्चर पता नहीं चला। लेकिन क्लिनिकल जांच में गहराई से देखने की जरूरत लगी।’’ जीडब्ल्यू मेडिकल फैकल्टी एसोसिएट्स में निदेशक ओकोन्नोर ने बाइडन की जांच के परिणामों को देखने के बाद बताया, ‘‘बाद के सीटी स्कैन से नव-निर्वाचित राष्ट्रपति बाइडन के पैर के बीच में मामूली फ्रैक्चर का पता चला। अगले कई हफ्तों तक उन्हें चलने के लिए वॉकिंग बूट की जरूरत पड़ सकती है।’’ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार शाम को ट्वीट कर बाइडन के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। बाइडन का पिछला स्वास्थ्य रिकॉर्ड डॉ ओकोन्नोर ने दिसंबर 2019 में जारी किया था।

इसे भी पढ़ें: ट्रंप प्रचार अभियान के पूर्व सहयोगी ने रूस जांच निगरानी मामले में वाद दायर किया

डॉक्टर ने कहा था कि बाइडन राष्ट्रपति बनने के लिहाज से स्वस्थ और तंदुरुस्त हैं। स्वास्थ्य रिपोर्ट के अनुसार बाइडन तंबाकू या शराब का सेवन नहीं करते और सप्ताह में पांच दिन व्यायाम करते हैं। वह एसिड रिफ्ल्क्स, कॉलेस्ट्रॉल और मौसमी एलर्जी जैसी समस्याओं के लिए ब्लड थिनर और अन्य दवाएं लेते हैं। बाइडन ने 2018 में मेजर को अपनाया था जो जर्मन शेफर्ड नस्ल का कुत्ता है। उनके पास चैंप नाम का एक और जर्मन शेफर्ड कुत्ता है जिसे उन्होंने 2008 में राष्ट्रपति चुनाव के बाद अपनाया था। बाइडन दंपती ने कहा है कि उनकी दोनों कुत्तों को व्हाइट हाउस ले जाने की योजना है।







जानना चाहते है साल 2020 का सबसे प्रचलित शब्द कौन सा रहा?

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 30, 2020   14:04
  • Like
जानना चाहते है साल 2020 का सबसे प्रचलित शब्द कौन सा रहा?
Image Source: Google

मरियम-वेबस्टर ने ‘पैंन्डेमिक’ को 2020 का सबसे प्रचलित शब्द घोषित किया है।उन्होंने कहा, “अक्सर बड़ी खबर में एक तकनीकी शब्द होता है जो इसके साथ जुड़ा होता है और इस मामले में, पैंन्डेमिक शब्द न सिर्फ तकनीकी है बल्कि सामान्य हो गया है।

न्यूयॉर्क। यदि आप 2020 का सबसे अधिक प्रचलित शब्द को चुनते हैं, तो वह कौन सा शब्द होगा? मरियम-वेबस्टर ने सोमवार को पैंन्डेमिक को 2020 का सबसे प्रचलित शब्द घोषित किया है। मरियम-वेबस्टर के संपादक, पीटर सोकोलोव्स्की ने एसोसिएटेड प्रेस से कहा, शायद यह कोई बहुत बड़ा आश्चर्य नहीं है। उन्होंने कहा, “अक्सर बड़ी खबर में एक तकनीकी शब्द होता है जो इसके साथ जुड़ा होता है और इस मामले में, पैंन्डेमिक शब्द न सिर्फ तकनीकी है बल्कि सामान्य हो गया है। यह संभवत: वह शब्द है जिसके जरिये हम भविष्य में इस अवधि का उल्लेख करेंगे।’’

इसे भी पढ़ें: बाइडेन की टीम में शामिल हो सकती है एक और भारतीय, जानिए कौन है नीरा टंडन?

इस शब्द को मार्च से विश्वभर में व्यापक तौर पर इस्तेमाल किया जाने लगा जब कोरोना वायरस प्रकोप को एक महामारी घोषित किया गया था, लेकिन जनवरी की शुरुआत से ही मरियम-वेबस्टर डॉट कॉम पर इसका चलन शुरू हो गया था जब क्रूज जहाजों पर यह प्रकोप फैला और पहले अमेरिकी व्यक्ति की मौते हुई। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 11 मार्च को जब नोवल कोरोना वायरस प्रकोप को एक वैश्विक महामारी घोषित किया, तो साइट पर महामारी शब्द सबसे अधिक खोजे जाने लगा। सोकोलोव्स्की ने कहा कि साल भर साइट पर यह शब्द सबसे अधिक प्रचलन में रहा।