क्या अमेरिका में लागू होगा मार्शल लॉ? अमेरिकी चुनाव को लेकर ट्रंप चल रहे अब नया दाव

क्या अमेरिका में लागू होगा मार्शल लॉ? अमेरिकी चुनाव को लेकर ट्रंप चल रहे अब नया दाव

जानकारी के मुताबिक, नए साल में अमेरिका के नर्वनिर्वाचित राष्ट्रपति डेमोक्रेट जो बाइडेन शपथ लेंगे लेकिन अब ट्रंप द्वारा अगर मार्शल लॉ लागू होता है तो इससे काफी दिक्कतें आ सकती है। हालांकि मीडिया को ट्रंप प्रशासन द्व्रारा बताया गया है कि इस बैठक में कुछ बड़ा नहीं हुआ है लेकिन बहसा-बहसी जरूरी हुई है।

अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप 3 नवंबर को हुए चुनाव को धोखाधड़ी करार देते हुए दोबोरा राष्ट्रपति की कुर्सी में बने रहना चाहते है। इसके लिए न जाने वह कितने ही प्रयास कर रहे है। इसी बीच एक बड़ी खबर आ रही है कि डोनल्ड ट्रंप अब मार्शल लॉ लगाना चाहते हैं। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, इसको लेकर व्हाईट हाऊस के ओवल ऑफिस में काफी गरमा-गरमी भी हुई है। बैठक में शामिल ट्रंप ने मार्शल लॉ को लेकर चर्चा की है जिसके बाद से व्हाईट हाऊस स्टाफ भी काफी सतर्क हो गए है। 

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जानकारी के मुताबिक, नए साल में अमेरिका के नर्वनिर्वाचित राष्ट्रपति डेमोक्रेट जो बाइडेन शपथ लेंगे लेकिन अब ट्रंप द्वारा अगर मार्शल लॉ लागू होता है तो इससे काफी दिक्कतें आ सकती है। हालांकि मीडिया को ट्रंप प्रशासन द्व्रारा बताया गया है कि इस बैठक में कुछ बड़ा नहीं हुआ है लेकिन बहसा-बहसी जरूरी हुई है। यह बहसा-बहसी केवल मार्शल लॉ को लगाने को लेकर हुई है। हालांकि ट्रंप ने इस खबर को साफ-साफ फेक करार दिया है। 

अब देखना यहा होगा कि इस खबर में कितनी सच्चाई है क्योंकि हाल ही में ट्रंप के नेशनल सिक्यूरिटी एडवाइजर माइकल फ्लिन ने एक मीडिया चैनल को बताया था कि ट्रंप जल्द ही अमेरिका में मार्शल लॉ लागू कर सकते हैं। वहीं मीडिया चैनल सीएनएन ने दावा किया है कि ट्रंप की इस बैठक में मार्शल लॉ को लेकर चर्चा हुई थी। अब देखना यह होगा कि क्या ट्रंप सच में अमेरिका में मार्शल लॉ को लागू करेंगे या नहीं?

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बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने तीन नवंबर को हुए चुनाव के परिणाम को खारिज करने के अपने प्रयासों के तहत सुप्रीम कोर्ट में एक नयी याचिका दाखिल की है। ट्रंप की प्रचार टीम ने रविवार को इस बारे में बताया। इस याचिका में पेंसिलवेनिया के डाक मत पत्र से जुड़े फैसले को पलटने, मतदाताओं की इच्छा खारिज करने और पेंसिलवेनिया जनरल असेम्बली को खुद अपने निर्वाचकों का चुनाव करने का अधिकार देने का अनुरोध किया गया है। सुप्रीम कोर्ट मतदान प्रक्रिया में धोखाधड़ी के आरोपों को लेकर पहले भी ट्रंप की कई याचिकाओं को खारिज कर चुका है।