भारत पर हुआ दुनिया का सबसे बड़ा खुलासा, हिले कई देश!

जुलाई के महीने में अफ्रीका को भारत के पेट्रोलियम उत्पादों का एक्सपोर्ट रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। साल दर साल इसमें 66% की बढ़ोतरी हो रही है। आपको बता दें कि अफ्रीका भारतीय पेट्रोलियम उत्पादों के लिए मुख्य बाजार बन गया है।
भारत के बारे में एक ऐसा खुलासा हुआ है जिसकी कल्पना भी कोई नहीं कर सकता था। दुनिया का कोई देश आज तक यह काम नहीं कर पाया जो भारत ने कर दिखाया है। भारत में जितने लोग सवाल करते हैं कि पीएम मोदी ने विदेशी नेताओं के गले मिलकर क्या कर लिया? दरअसल खबर आई है कि पेट्रोल बेचने के मामले में भारत ने सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात को भी पीछे छोड़ दिया है। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि भारत के पास तेल के बड़े-बड़े भंडार नहीं है। भारत खुद अपने कुल कच्चे तेल की खपत का लगभग 85 से 88% इंपोर्ट करता है। लेकिन अफ्रीकी देश कीन को पेट्रोल, डीजल और जेट फ्यूल बेचने के मामले में भारत अब सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात से भी आगे निकल गया है। यानी कीनिन को पेट्रोल डीजल और जेट फ्यूल बेचने के मामले में भारत दुनिया का सबसे बड़ा सप्लायर बन गया है।
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जुलाई के महीने में अफ्रीका को भारत के पेट्रोलियम उत्पादों का एक्सपोर्ट रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। साल दर साल इसमें 66% की बढ़ोतरी हो रही है। आपको बता दें कि अफ्रीका भारतीय पेट्रोलियम उत्पादों के लिए मुख्य बाजार बन गया है। इस बात को आप याद रखिए कि अफ्रीकी महाद्वीप में पैर जमाने के लिए दुनिया की बड़ी-बड़ी महाशक्तियों के बीच होड़ लगी है। रूस, अमेरिका और चीन अफ्रीका में पैर जमाने के लिए एक दूसरे को मारने तक के लिए तैयार है। लेकिन इसी अफ्रीका में भारत ने तगड़ा झंडा गाड़ दिया है। बहरहाल आपको बता दें कि भारत रूस से जो कच्चा तेल खरीद रहा है, उसी को रिफाइन करके अफ्रीका को बेच भी रहा है। जानकारी के लिए बता दें कि कच्चे तेल को प्रोसेस करने के बाद ही पेट्रोल, डीजल, जेट फ्यूल और एलपीजी जैसे प्रोडक्ट बनाए जाते हैं। कुछ समय पहले यूरोप को भी पेट्रोल प्रोडक्ट एक्सपोर्ट करने के मामले में भारत ने सऊदी अरब को पीछे छोड़ दिया था। इसके अलावा भारत रूस से जो कच्चा तेल खरीद रहा है उसे प्रोसेस करके पेट्रोल बना रहा है और फिर उसी पेट्रोल को वापस रूस को बेच रहा है। इसका कारण यह है कि यूक्रेन ने रूस की ऑयल रिफाइनरीज पर हमले कर दिए। जिसके बाद रूस अपने ही तेल को प्रोसेस नहीं कर पा रहा है। यानी जिस जहाज में रूस कच्चा तेल भारत को भेजता है, उसी जहाज में भारत पेट्रोल भरकर वापस रूस को दे देता है। और भी दिलचस्प बात यह है कि पिछले ही साल रूस से कच्चा तेल लेकर भारत ने जो डीजल बनाया वही डीजल यूक्रेन को बेच दिया। जुलाई 2025 में भारत यूक्रेन का सबसे बड़ा डीजल सप्लायर बन गया।
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भारत के पास अपना तेल नहीं है। लेकिन दुनिया को पेट्रोल और डीजल बेचने के मामले में भारत तेल के भंडार पर बैठे सऊदी अरब और यूएई को भी पीछे छोड़ रहा है। भारत वो दुनिया का इकलौता देश है जो किसी भी देश के कच्चे तेल को प्रोसेस कर सकता है।
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