Vaishakh Purnima: Vaishakh Purnima पर ये 5 गलतियां बना सकती हैं कंगाल, Goddess Lakshmi हो सकती हैं नाराज

Vaishakh Purnima
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आज यानी की 01 मई 2026 को वैशाख पूर्णिमा का पर्व मनाया जा रहा है। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि वैशाख पूर्णिमा पर क्या करना चाहिए और किन गलतियों को करने से बचना चाहिए।

हिंदू धर्म में वैशाख पूर्णिमा का विशेष महत्व माना जाता है। इसको बुद्ध पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक इस दिन स्नान-दान, पूजा, ध्यान आदि करने से कई जन्मों के पापों का नाश होता है। इस बार आज यानी की 01 मई 2026 को वैशाख पूर्णिमा का पर्व मनाया जा रहा है।

वैशाख का महीना जगत के पालनहार भगवान विष्णु को अतिप्रिय है। इसलिए इस दिन की गई छोटी सी गलती मां लक्ष्मी को नाराज कर सकती हैं। जिस कारण घर में दरिद्रता का वास हो सकता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि वैशाख पूर्णिमा पर क्या करना चाहिए और किन गलतियों को करने से बचना चाहिए।

क्या करें

इस दिन सूर्योदय से पहले किसी पवित्र नदी में स्नान करें। अगर नदी में स्नान करना संभव न हो, तो घर पर नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें और सूर्य देव को अर्घ्य दें।

पूर्णिमा के दिन विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना अत्यंत शुभ माना जाता है। वहीं भगवान सत्यनारायण कथा का पाठ करना शुभ होता है। इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है।

क्योंकि वैशाख माह में बहुत गर्मी होती है। इसलिए पूर्णिमा के दिन फल, जल, सत्तू, छाता व ठंडी चीजों का दान करने से अक्षय पुण्य फल की प्राप्ति होती है।

पूर्णिमा की रात को चंद्र देव को दूध और जल का अर्घ्य देना चाहिए। इससे मानसिक तनाव दूर होता है और जातक की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।

क्या न करें

वैशाख पूर्णिमा के दिन भूलकर भी मांस, मदिरा, प्याज और लहसुन आदि का सेवन नहीं करना चाहिए। इस दिन तामसिक भोजन करने से पॉजिटिव एनर्जी नष्ट होती है।

वैशाख पूर्णिमा के दिन घर में कलह या फिर किसी बड़े-बुजुर्ग का अपमान नहीं करना चाहिए। जिस भी घर में लड़ाई-झगड़ा होता है, वहां से मां लक्ष्मी चली जाती हैं। विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों का अपमान नहीं करना चाहिए।

शास्त्रों के मुताबिक पूर्णिमा तिथि के नाखून काटना, बाल कटवाना या शेविंग आदि करना वर्जित माना जाता है। इसको अशुभता से जोड़ा जाता है।

पूर्णिमा के दिन न तो किसी से पैसे उधार लेना चाहिए और न ही किसी को पैसे उधार देना चाहिए। ऐसा करने से आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है।

पूर्णिमा की सुबह और शाम को सोना भी वर्जित माना जाता है। यह नकारात्मकता और आलस्य को बढ़ाता है।

पूजन मंत्र

ॐ महालक्ष्म्यै नमः, नैवेद्यं निवेदयामि।

नैवेद्यं गृह्यतां देव भक्तिं मे चलां कुरु।

ईप्सितं मे वरं देहि परत्र च परां गतिम् ॥

ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्मी नम:

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