सावन में करें भगवान शिव का रुद्राभिषेक और पाएं ग्रह बाधाओं से मुक्ति

Rudrabhishek
Prabhasakshi

ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि रुद्राभिषेक करने से सभी देवों के अभिषेक करने का फल मिलता है। रुद्राभिषेक में सृष्टि की समस्त मनोकामनायें पूर्ण करने की शक्ति है अतः अपनी आवश्यकता अनुसार अलग-अलग पदार्थों से अभिषेक करके प्राणी इच्छित फल प्राप्त कर सकता है।

देवों के देव महादेव को प्रसन्न करने का एकमात्र उपाय है महारुद्राभिषेक। सावन के पवित्र माह  में एक बार महारुद्राभिषेक जरूर कराना चाहिए। सावन का महीना सभी के लिए किसी वरदान से कम नहीं होता है और सावन में भगवान शिव से मांगी गई समस्त मनोकामनाएं शीघ्रता से पूर्ण होती है। इस महीने में भगवान शिव के रुद्राभिषेक का विशेष फल मिलता है। सावन के महीने में भगवान शिव के रुद्राभिषेक का विशेष महत्व होता है। सावन के महीने में भक्त सोमवार के दिन शिवालयों में रुद्राभिषेक करते हैं। पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि इस बार सावन में चार सोमवार होंगे। इस साल सावन का महीना 29 दिन का है। श्रावण मास का सोमवार बहुत ही सौभाग्यशाली एवं पुण्य फलदायी माना जाता है। सावन के सोमवार का भक्तों को बहुत इंतजार रहता है। इस महीने में भोलेशंकर की विशेष अराधना की जाती है। लोग भोले शंकर का रुद्राभिषेक कराते हैं। राशि के अनुसार अलग-अलग औषधि से रुद्राभिषेक कराने का विशेष महात्म होता है। साधक में शिवत्व रूप सत्यं शिवम सुन्दरम् का उदय हो जाता है उसके बाद शिव के शुभाशीर्वाद से समृद्धि, धन-धान्य, विद्या और संतान की प्राप्ति के साथ-साथ सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती है। 

रुद्राभिषेक

ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि रुद्राभिषेक करने से सभी देवों के अभिषेक करने का फल मिलता है। रुद्राभिषेक में सृष्टि की समस्त मनोकामनायें पूर्ण करने की शक्ति है अतः अपनी आवश्यकता अनुसार अलग-अलग पदार्थों से अभिषेक करके प्राणी इच्छित फल प्राप्त कर सकता है। 

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सावन सोमवार की तिथियां

18 जुलाई सोमवार- श्रावण मास का पहला सोमवार

25 जुलाई सोमवार- श्रावण सोमवार व्रत

01 अगस्त सोमवार- श्रावण सोमवार व्रत

08 अगस्त सोमवार- श्रावण सोमवार व्रत

ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि निम्न वस्तुओं से करें शिव का महारुद्राभिषेक:-

दूध: घर का वातावरण सुखद और पवित्र रहने के लिए

दही: पारिवारिक कलह और अचानक नुकसान से बचने के लिए

शहद: विद्या प्राप्ति के लिए

शक्कर: खुशहाली के संचार के लिए

नारियल पानी: शत्रु प्रभाव व प्रेत बाधा दूर करने के लिए

भस्म: शत्रुओं के विनाश लिए

वर्षा जल: नकारात्मक शक्तियों के नाश के लिए

गन्ने का रस: लक्ष्मी प्राप्ति के लिए

गंगा जल: ग्रहों द्वारा उत्पन्न दोष दूर करने के लिए

भांग: सुखद स्वास्थ की प्राप्ति के लिए

घी: कारोबार में अड़चनें दूर करने के लिए

महारुद्राभिषेक के शुभ फल:-

- घर-संपत्ति की प्राप्ति होती है।

- शत्रुओं का साया समाप्त होता है।

- समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है।

- दुखों का अंत होता है।

- लक्ष्मी का वास घर में सदैव बना रहता है।

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जन्म राशि के अनुसार रुद्राभिषेक

भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि ने बताया कि जन्म राशि के अनुसार रुद्राभिषेक से सुख समृद्धि  एवं  ग्रह बाधाओं की मुक्ति पा सकते हैं। शिव के रूद्र रूप के पूजन और अभिषेक करने से जाने-अनजाने होने वाले पापाचरण  एवं जीवन में कष्ट, अभाव, व्यवधान, स्वास्थ्य, कॅरियर, धन आदि की बाधाओं से मुक्ति पाना चाहते हैं तो राशि के अनुसार रुद्राभिषेक करके जीवन में सभी समस्याओं से निजात पा सकते हैं। 

भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास आपको बता रहे हैं किस राशि के अनुसार रुद्राभिषेक कैसे करना चाहिए ।

मेष राशि 

मेष राशि वाले जातकों के लिए गाय के कच्चा दूध में से शहद मिलाकर रुद्राभिषेक करने से समस्त बाधाओं से मुक्ति मिल सकती है साथ में लाल चंदन एवं लाल पुष्प चढ़ाने से सौभाग्य में एवं धन.धान्य में वृद्धि होगी।

वृष राशि 

वृषभ राशि वाले जातकों के लिए दही से अथवा मधु से रुद्राभिषेक कराने से राशि के स्वामी शुक्र की कृपा साथ साथ में सुख संपत्ति की प्राप्ति होगी । आपकी राशि के अनुसार सफेद पुष्प एवं बेलपत्र चढ़ाना  शिव सहस्त्रनाम का पाठ करना लाभप्रद होगा।

मिथुन राशि 

मिथुन राशि का स्वामी बुध है और मिथुन राशि वाले जातकों के लिए गन्ने के रस से रुद्राभिषेक कराना साथ में धतूरा भाग बेलपत्र चढ़ाना मिथुन राशि वाले जातकों के लिए लाभप्रद होगा।

कर्क राशि 

कर्क राशि वाले जातकों के लिए दूध में शक्कर मिलाकर भगवान शिव का रुद्राभिषेक करना चाहिए साथ में श्वेत अर्क, मदार, सफेद पुष्प सफेद वस्त्र एवं रुद्राष्टक का पाठ करना आपके लिए लाभदायक होगा।

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सिहं राशि 

सिंह राशि वाले जातकों के लिए मधु अथवा गुड़ युक्त तीर्थ  जल से रुद्राभिषेक कराना लाभदायक होगा । साथ में लाल पुष्प लाल चंदन भगवान को अर्पित कर सकते हैं।

कन्या राशि 

कन्या राशि वाले जातकों के लिए गन्ने का रस से रुद्राभिषेक कराना लाभदायक होगा एवं साथ में दूर्वा भाग धतूरा बेलपत्र जीवन में धनदायक सिद्ध हो सकता है।

तुला राशि

तुला राशि वाले जातकों को लिए मधु से रुद्राभिषेक कराना साथ में श्वेत पुष्प मदार का पुष्प श्वेत वस्त्र से पूजन करने से जीवन में सुख समृद्धि एवं ग्रहों की कृपा प्राप्त हो सकती है।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वाले जातकों को  शहद युक्त तीर्थ जल से रुद्राभिषेक करना  एवं लाल पुष्प चढ़ाना आपके लिए लाभदायक होगा।

धनु राशि 

धनु राशि वाले जातकों के लिए गाय के दूध में केसर मिलाकर के एवं पीले पुष्प से पीले वस्त्र से पूजन करने पर भगवान शिव जी की कृपा के साथ साथ में ग्रहों की कृपा प्राप्त होगी।

मकर राशि 

मकर राशि वाले जातकों के लिए गंगाजल से रुद्राभिषेक कराना साथ साथ में शमी पत्र बिल्वपत्र भाग धतूरा चढ़ाना आपके लिए लाभदायक होगा।

कुंभ राशि 

कुंभ राशि वाले जातकों के लिए दुर्वा अथवा शमी के रस से रुद्राभिषेक कराने से राशि के स्वामी भगवान शनि की कृपा एवं ग्रह बाधाओ  से मुक्ति प्राप्त हो सकती है।

मीन राशि  

मीन राशि वाले जातकों के लिए केसर मिश्रित तीर्थ जल से रुद्राभिषेक एवं पीले चंदन , हल्दी, पीले वस्त्र से भगवान  शिव का पूजन करने से कुंडली संबंध संबंधित समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है।

- डा. अनीष व्यास

भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक

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