Ashadha Gupt Navratri: शीघ्र विवाह के लिए करें ये 5 अचूक उपाय, Wedding बाधाएं होंगी दूर!

Gupt Navratri Remedies
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आषाढ़ गुप्त नवरात्रि में विवाह बाधाओं के निवारण हेतु मां कात्यायनी की उपासना और अर्गला स्तोत्र के पाठ का विशेष आध्यात्मिक विश्लेषण। यह लेख शीघ्र विवाह के लिए 15 से 23 जुलाई तक किए जाने वाले पांच अचूक ज्योतिषीय उपायों की व्याख्या करता है।

सनातन धर्म में नवरात्रि पर्व का विशेष महत्व है। आषाढ़ महीने में पड़ने वाली गुप्त नवरात्रि का खास आध्यात्मिक महत्व है। साल में चार बार नवरात्रि आती है, चैत्र नवरात्रि, शारदीय नवरात्रि और दो गुप्त नवरात्रि। गुप्त नवरात्र पहला माघ मास के शुक्ल पक्ष में और दूसरा आषाढ़ के शुक्ल पक्ष में मनाई जाती है। 

खासतौर पर गुप्त नवरात्रि तंत्र-मंत्र और गुप्त साधना के लिए शुभ मानी जाती है, वहीं सामान्य नवरात्रि सामाजिक और उत्सव के लिए जानी जाती है। इस बार आषाढ़ नवरात्रि की शुरुआत 15 जुलाई से हो रही है और इसका समापन 23 जुलाई को होगा। 

ऐसे में किसी जातक के विवाह में काफी समय से बाधाएं आ रही हैं या फिर रिश्ते बनते-बनते ही टूट रहे हैं, या कुंडली में बृहस्पति और शुक्र का बल कमजोर है, तो यह समय मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए श्रेष्ठ है। गुप्त नवरात्र में करें ये उपाय जल्द आपके घर में बजेंगी शहनाई। 

गुप्त नवरात्रि में शीघ्र विवाह के लिए क्या करें

कल यानी 15 जुलाई से गुप्त नवरात्र शुरु हो रहे है, इन नौ दिनों में श्रद्धा के साथ ये जरुरी उपाय करें, तो विवाह के मार्ग जल्दी खुल जाते हैं और सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं।

मां कात्यायनी की पूजा

गुप्त नवरात्रि के 9 दिनों तक प्रतिदिन शाम को मां कात्यायनी के समक्ष शुद्ध घी का दीपक जलाएं और कात्यायनी महामाये महायोगिन्यधीश्वरी..." मंत्र का जप करें। इसको आप कम से कम एक माला जाप जरुर करें।

हल्दी की गांठें अर्पित करें

जो लोग विवाह योग्य है, चाहे युवक हो या युवती इन नौ दिनों तक नियमित तौर पर भगवान शिव और माता पार्वती को हल्दी की गांठें अर्पित कर सकते हैं। ऐसा करने से जल्द ही शादी के योग बन जाते हैं।

अर्गला स्तोत्र का पाठ करें

अगर आपके विवाह में काफी विलंब हो रहा है, तो दुर्गा सप्तशती के अर्गला स्तोत्र का नियमित रुप से पाठ करें। "पत्नीं मनोरमां देहि..." या "रूपं देहि जयं देहि..." की कामना के साथ यह पाठ करें। इसके पाठ से ही जल्दी ही विवाह योग बन जाता है।

श्रृंगार सामग्री का दान करें

गुप्त नवरात्रि के दौरान पंचमी अथवा अष्टमी तिथि पर किसी विवाहित महिला को या किसी देवी मंदिर में सुहाग से जुड़ी वस्तुएं, जैसे सिंदूर, चूड़ियां, मेहंदी, बिंदी और लाल चुनरी श्रद्धापूर्वक अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह उपाय जन्मकुंडली में मौजूद मंगल दोष तथा राहु-केतु से उत्पन्न बाधाओं को कम करने में सहायक माना जाता है। श्रद्धा और विश्वास के साथ किए गए इस दान से विवाह में आने वाली रुकावटें दूर होने लगती हैं तथा योग्य जीवनसाथी मिलने और शीघ्र विवाह के अवसर प्रबल होते हैं।

पवित्र गठबंधन करें

गुप्त नवरात्रि के अंतिम दिन आप भगवान शिव और माता पार्वती के विग्रह पर कलावा लेकर सात बार लपेटते हुए गठबंधन करें और अपने शीघ्र विवाह की कामना करें। इस उपाय के करने से शादी में आने वाली सभी रुकावट दूर हो जाती है। 

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