Raksha Bandhan 2026 पर Rahu Kaal का रखें विशेष ध्यान, इस Shubh Time पर बांधें राखी और करें विशेष पूजा

रक्षाबंधन 2026 के अवसर पर ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के आधार पर राखी बांधने का शुभ समय सुबह 9:48 बजे तक ही सीमित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार विधिपूर्वक पूजा और तीन गांठों वाली राखी सुरक्षा एवं समृद्धि का प्रतीक मानी जाती है, जिसके लिए भाई का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना श्रेष्ठ है।
सावन महीने की पूर्णिमा तिथि को रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता है। रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक है। इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसकी लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और सफलता की कामना करती है। हालांकि राखी बांधने से पहले विशेष पूजा होती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शुभ-मुहूर्त में विधि-विधान से रक्षाबंधन की पूजा करने से भाई के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। आइए आपको बताते हैं रक्षाबंधन 2026 पर राखी की पूजा का शुभ समय और सही विधि।
रक्षाबंधन 2026 पर राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
इस साल 2026 में रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जा रहा है। वैसे इस दिन राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 57 मिनट से 9 बजकर 48 मिनट तक बताया गया है। राखी बांधने का जो शुभ मुहूर्त है, उसी समय पूजा करना शुभ माना जाता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 27 अगस्त को सुबह 9 बजकर 8 मिनट पर होगी और इसका समापन 28 अगस्त को सुबह 9 बजकर 48 मिनट पर होगा। जबकि, राहुकाल सुबह 10 बजकर 46 मिनट से दोपहर 12 बजकर 22 मिनट तक रहने वाला है। इस दौरान राखी बांधने और उसकी पूजा करने से बचना चाहिए।
रक्षाबंधन पर किन देवी-देवताओं की पूजा करें?
इस दिन राखी बांधने से पहले घर के मुख्य द्वार या दीवार पर गेरू और चावल के घोल से श्रवण कुमार का चित्र बनाकर उनकी पूजा करें। रक्षाबंधन के दिन भगवान गणेश और अन्य देवी-देवताओं की पूजा भी की जाती है।
भाई की पूजा करने के लिए तैयारी ऐसे करें
रक्षाबंधन के दिन भाई लकड़ी के पाट पर बैठाएं और उनका मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखें। पूजा की थाली में रोली, कुमकुम, अक्षत, हल्दी, दीपक, राखी और मिठाई रखें।
इसके बाद घी का दीपक जलाएं । अपने भाई के सिर पर रूमाल या कोई साफ वस्त्र रखें। कुमकुम, हल्दी और अक्षत से भाई के माथे पर मंगल तिलक लगाएं।
राखी बांधने की सही विधि
इसके बाद भाई की आरती उतारें। इसके बाद उसकी दाहिनी कलाई पर राखी बांधें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, राखी में तीन गांठें लगाना शुभ होता है। वैसे ये गांठें सुख, सुरक्षा और समृद्धि का प्रतीक है।
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