Sawan में Rudraksha Mala से जाप करते समय न करें ये बड़ी गलतियां, जानिए रुद्राक्ष माला के जप के नियम

Rituals for Rudraksha Mala Chanting
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सावन के पवित्र महीने में भगवान शिव की आराधना के लिए रुद्राक्ष माला का प्रयोग अत्यंत फलदायी माना जाता है, लेकिन इसके शास्त्रीय नियमों की अनदेखी पूजा के प्रभाव को कम कर सकती है। जप के दौरान उंगलियों का सही चयन और माला की शुद्धता बनाए रखना अनिवार्य है ताकि महादेव का पूर्ण आशीर्वाद प्राप्त हो सके। सावन रुद्राक्ष माला नियम और शिव पूजा विधि जैसे महत्वपूर्ण विषय इस विश्लेषण का केंद्र हैं।

सावन का महीना एक ऐसा है जब आप भगवान शिव का आसानी से प्रसन्न कर सकते हैं। श्रावण मास भगवान शंकर को अति प्रिय है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस पवित्र महीने में महादेव का रुद्राभिषेक करने से जीवन में सुख-शांति का आगमन होता है और भोलेनाथ की कृाप से बिगड़े काम पूरे होते हैं।

इस महीने में रुद्राक्ष की माना से मंत्र जप करना अधिक फलदायी माना जाता है, क्योंकि रुद्राक्ष को भगवान शिव का अंश माना जाता है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, रुद्राक्ष माला से जप करने से साधक को शुभ परिणाम मिलते हैं। जप के दौरान कुछ खास नियमों का पालन करना अनिवार्य है। नियम का पालन न करने से शुभ फल प्राप्त नहीं होता है और महादेव की कृपा नहीं बरसती। आइए आपको इस लेख में बताते हैं रुद्राक्ष माला से जप के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

रुद्राक्ष माला के जप के नियम

- रुद्राक्ष की माला से जप करने से पहले स्नान करना अनिवार्य है और फिर सूर्य देव को अर्घ्य दें।

- माला से जप करते समय आपका मुख पूर्व या उत्तर दिशा की तरफ होना चाहिए।

- पूजा के समय भूलकर भी जमीन पर नहीं बैठना चाहिए। बैठने के लिए किसी आसन का इस्तेमाल करें।

- रुद्राक्ष की माला फेरते समय अंगूठे और मध्यम उंगली का ही इस्तेमाल करें।

जप के दौरान भूलकर भी न करें ये गलतियां

- जब आप जप करें तो ध्यान रखें कि माला तर्जनी उंगली से स्पर्श नहीं होनी चाहिए।

- जप करने के बाद माला को किसी पवित्र स्थान पर रखें। भूलकर भी जमीन पर नहीं रखें।

- ध्यान रखें कि रुद्राक्ष का माला टूटा या चटका हुआ नहीं होना चाहिए। यदि माला खंडित है, तो उसे किसी पवित्र नदी में विसर्जित कर दें।

- आप जिस माला से भगवान शिव का नाम का जप करते हैं, तो उस माला को किसी अन्य व्यक्ति को न दें।

- यदि आप माला को गले में धारण करें, तो उस माला से कभी जप नहीं करें। दोनों माला अलग-अलग नहीं होने चाहिए।

- ध्यान रखें कि माला जप करने वाला व्यक्ति को तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए।

- रुद्राक्ष की माला को गंदे हाथों से और बिना स्नान किए भूलकर भी नहीं छूना चाहिए। 

- धार्मिक मान्यता के अनुसार, सच्चे मन और इन नियमों के पालन करने से रुद्राक्ष की माला से जप करने से महादेव जल्दी प्रसन्न होंगे और आपको शुभ फलों की प्राप्ति होती है। 

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