कालसर्प और शनि-राहु-केतु दोष से राहत के लिए Vijayadashami पर करें ये 3 ज्योतिषीय उपाय

दशहरे पर किए जाने वाले ज्योतिषीय उपाय जीवन में सुख-समृद्धि लाते हैं और नकारात्मकता दूर करते हैं। इस दिन शमी के पेड़ के नीचे दीपक जलाना और सिंदूर से जय श्री राम लिखे पत्ते हनुमान मंदिर में रखना शुभ माना जाता है। वहीं रावण दहन की राख से जुड़े उपाय शनि, राहु-केतु और कालसर्प दोष से मुक्ति दिलाते हैं।
दशहरा यानी विजयदशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का है। माना जाता है कि यह दिन जीवन की नकारात्मकता को दूर करने और सुख-समृद्धि की कामना करने के लिए भी विशेष माना जाता है।
दशहरे वाले दिन कुछ ज्योतिषीय उपाय जरुर किए जाते है, जिन्हें आप जरुर करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इन उपाय के करने से शनि, राहु-केतु और कालसर्प दोष से छुटकारा मिल जाता है। अगर आप भी जीवन में चल रही समस्या और बाधा से परेशान हो गए है, तो इन उपाय को विजयदशमी पर जरुर करें।
शमी के पेड़ के नीचे जलाएं दीपक
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शमी के पेड़ का संबंध शनि देव से माना जाता है। दशहरे की शाम को शमी के पेड़ की पूजा करें और सरसों के तेल का दीपक जलाएं। वहीं, दीपक जलाकर आप सुख-शांति की प्रार्थना कर सकते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार ऐसा करने से शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में आने वाली बाधाओं से राहत मिलती है। इस उपाय के करने से राहु और केतु के प्रतिकूल प्रभावों को शांत करने के लिए शुभ माना जाता है। जब आप पूजा करें मन में श्रद्धा रखें और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना जरुर करें।
पत्तों पर लिखें 'जय श्री राम'
दशहरा के दिन भगवान राम और हनुमान जी की आराधना का भी विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन तीन, पांच या सात पत्ते लेकर उन पर लाल सिंदूर से 'जय श्री राम' जरुर लिखें। फिर किसी हनुमान मंदिर में सम्मानपूर्वक निर्धारित स्थान पर रख दें। इस बात का ध्यान दें कि पत्तों को हनुमान जी के चरणों में न रखें। धार्मिक विश्वास के अनुसार, इस उपाय को करने से शनि दोष से राहत और राहु-केतु की शांति के लिए प्रार्थना की जाती है। जब पूजा करें तो हनुमान जी का ध्यान जरुर करें, यह काफी शुभ माना जाता है।
रावण दहन के बाद राख से जुड़ा उपाय
लोक मान्यताओं के चलते दशहरे पर रावण दहन के बाद बची राख का विशेष महत्व माना जाता है। माना जाता है कि, राख को लाल कपड़े की पोटली में रखकर घर की पूर्व दिशा में रखने का विधान बताया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, ऐसा करने से कालसर्प दोष और शनि, राहु-केतु से संबंधित परेशानियों से मुक्ति की कामना कर सकते हैं। लेकिन आप सार्वजानिक स्थानों से राख इकट्ठा करने के स्थान पर स्थानीय परंपराओं और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का ध्यान रखें।
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