लापरवाही को छिपाना (व्यंग्य)

हमारे यहां लापरवाही एक विकसित परम्परा है। कोई दुर्घटना, नुकसान होता है तो जांच शुरू होने से पहले लापरवाही छिपाने की कोशिश शुरू हो जाती है। इसे बहुत ज़रूरी कर्तव्य की तरह निभाया जाता है। चश्मदीद गवाहों को धमकाने और अपराधी बनाने की सुगबुगाहट के साथ ही लापरवाही छिपाने का सिलसिला शुरू हो जाता है।
लापरवाही के नुकसान ही माने जाते हैं। समझदार लोग भी ऐसा ही बताते हैं। बचपन के विशेषज्ञ भी अस्त व्यस्त अभिभावकों को, सलाह देते रहते हैं कि बच्चों की परवरिश में कोताही न बरतें और बच्चों को बताते रहें कि ज़िंदगी में किसी भी तरह की लापरवाही न करें। वह बात अलग है कि विशेषज्ञ और अभिभावक खुद भी कई मामलों में लापरवाही बरतते हैं और कहते रहते है कि जीवन में ऐसा हो जाता है।
हमारे यहां लापरवाही एक विकसित परम्परा है। कोई दुर्घटना, नुकसान होता है तो जांच शुरू होने से पहले लापरवाही छिपाने की कोशिश शुरू हो जाती है। इसे बहुत ज़रूरी कर्तव्य की तरह निभाया जाता है। चश्मदीद गवाहों को धमकाने और अपराधी बनाने की सुगबुगाहट के साथ ही लापरवाही छिपाने का सिलसिला शुरू हो जाता है। उन्हें पूरी सजगता से धमकी देनी ज़रूरी होती है ताकि सच सामने न आ सके। अगर ऐसा न किया जाए तो आम आदमी तो क्या कोई भी संपन्न व्यक्ति फंस सकता है वह बात दीगर है कि सुरक्षा व्यवस्था द्वारा की गई लापरवाही उन्हें फंसने नहीं देती । आदमी किसी और की जान बचाने तक में लापरवाह हो सकता है लेकिन अपने मामले में गलती से भी हुई लापरवाही छिपाने की कोशिश करता है।
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जांच के दौरान लापरवाही, चतुराई से छिपा देना एक कला है। इसे उचित तरीके से जांच करना भी कहते हैं। यह मेहनत भरा काम है। लापरवाही छिपी रहे सामने न आए, इस सम्बन्ध में एक पुराने गाने को चार सौ बीस बार आधार बनाया जाता है, परदे में रहने दो पर्दा न उठाओ, पर्दा जो उठ गया तो भेद खुल जाएगा और कईयों को फंसा देगा, जो सुलझे बैठे हैं उन्हें उलझा देगा। लापरवाही छिपाने के बहुत से फायदे हैं। लापरवाही छिपाते हुए हर बात उलझा सकते हैं। बयान और रिपोर्टों को अलग अलग कर सकते हैं। महत्त्वपूर्ण संकेत फाइलें बनाने से पहले ही दफ़न कर सकते हैं। रिपोर्ट्स को बार बार अधूरी बताकर फिर से लिखित जानकारियां बार बार मांग कर, उनकी लापरवाही पर शक बढ़ाया जा सकता है।
सीधे सवालों के, लापरवाही में लिपटे गोल मोल जवाब देने से, ज्यादा समय और पुख्ता मदद मिलती है ताकि बेचारा नतीजा दूर कहीं झुरमुट में फंसा रहे और गलत व्यक्ति को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास सफल हो जाए। यही लापरवाही की सजगता भरी सफलता मानी जाती है। इसका अनुभव बचाव व्यवस्था की बुनियादी खामियों के विशेषज्ञ व्यक्तियों को पहले से होता है। उन्हें लापरवाही से गढ़े आरोपों से निबटना खूब आता है तभी तो जांच एजेंसियों के बीच तालमेल नहीं हो पाता। उनमें लापरवाही संभालने का गहन चारित्रिक अनुभव होता है तभी तो लापरवाही छिपाने का महत्त्वपूर्ण काम उन्हें सौंपा जाता है।
अनुभवी लोगों को ऐसे फंसा भी नहीं सकते। उन्हें भविष्य में भी पूरी ज़िम्मेदारी के साथ कर्तव्य निभाते हुए, लापरवाही करने में सक्रिय भूमिका अदा करनी होती है। किसी भी स्तर पर प्रशिक्षण देने की ज़रूरत, उन्हें नहीं होती। लापरवाही छिपाने का सबसे व्यावहारिक फायदा यह रहता है कि जांच संपन्न हो जाती है लेकिन कार्रवाई नहीं हो पाती। इधर पूरी गोपनीय सतर्कता से लापरवाही छिपाई जा रही होती है और उधर सार्वजनिक रूप से कहा जा रहा होता है कि भविष्य में किसी भी किस्म की लापरवाही बिलकुल बर्दाशत नहीं की जाएगी।
- संतोष उत्सुक
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