Heatwave in India: 50 सालों में 17 हजार से ज्यादा जान लेना वाला हीटवेव क्या है? क्यों पड़ रही है इतनी गर्मी

Heatwave in India: 50 सालों में 17 हजार से ज्यादा जान लेना वाला हीटवेव क्या है?  क्यों पड़ रही है इतनी गर्मी
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अभी मई का महीना शुरू भी नहीं हुआ है लेकिन अप्रैल में ही मौसम ने मई के महीने की कहानी बता दी है। अप्रैल के आखिरी हफ्ते में गर्मी का पारा 40 डिग्री के आंकड़े को पार कर गया और लोग मौसम की इस आग में झुलस रहे हैं। दिल्ली से लेकर महाराष्ट्र तक मौसम विभाग ने लू का अलर्ट जारी कर दिया है।

प्रलय का मंजर कैसा होगा? हमारे पुरखों ने अलग-अलग वर्णन किए और हमने अलग-अलग नजरों से दृश्यों को देखा। तापमान इन दिनों खूब कोहराम मचा रहा है और सूरज की तपिश से हिन्दुस्तान तड़प रहा है। देश का एक बड़ा हिस्सा बेहिसाब गर्मी में उबल रहा है। शहर-शरह हर रोज रिकॉर्ड ध्वस्त हो रहे हैं। कहीं सालों का रिकॉर्ड टूट रहा है तो कहीं दशकों और कहीं-कहीं तो एक पूरी पीढ़ी पहली बार ऐसे ताप से परेशान है। गुरुग्राम में 43 बरस का रिकॉर्ड टूटा वहीं दिल्ली में तो 52 बरस के बाद ऐसी गर्मी पड़ी है। लेकिन बात केवल दिल्ली-एनसीआर की ही नहीं बल्कि आसपास का इलाका भी बेहद गर्म है। देश में उत्तर से लेकर पश्चिम और दक्षिण तक गर्मी का सितम है। जम्मू कश्मीर के जम्मू क्षेत्र में हिट वेब का असर है। उत्तर प्रदेश के कई शहर लू की चपेट में हैं। इनके अलावा बिहार, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, महाराष्ट्र और हैदराबाद कर गर्मी का कहर है। जम्मू में तपती गर्मी से आम जन जीवन पर बुरा असर पर रहा है। यूपी के कई शहरों में गर्मी कहर बरपा रही है। प्रयागराज में तो पारा 46 डिग्री छूने वाला है। अप्रैल में तो यहां सबसे ज्यादा 45.9 डिग्री तापमान पहुंच चुका है। नतीजा ये है कि संगम नगरी में दोपहर को सड़कों पर सन्नाटा छा जाता है। लोग घरों से  बाहर निकलने में एहतियात बरत रहे हैं। मध्य प्रदेश में भी गर्मी से लोगों का  बुरा हाल है। दोपहर की तस्वीरों से तो लगता है कि जैसे पूरा मध्य प्रदेश ठप्प है। क्योंकि राज्य के ज्यादातर जिलों में तापमान 40 डिग्री को पार कर चुका है। भीषण गर्मी की वजह से पंजाब के सभी स्कूलों में 14 मई से छुट्टी का ऐलान कर दिया गया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खुद ट्वीट करके ये जानकारी दी है। देश के उत्तरी क्षेत्र ही नहीं बल्कि दक्षिण में भी गर्मी लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है। तेलंगाना में भी भारी गर्मी पड़ रही है। पश्चिमी राजस्थान और महाराष्ट्र में तो पारा 40 से 45 डिग्री के बीच ही बना हुआ है। सिरसा, रोहतक, हिसार समेत हरियाणा के कई इलाके लू के थपेड़ों से हिले हुए हैं। प्रचंड गर्मी से साक्षात्कार कर रहे हिंदुस्तान में बेहिसाब बढ़ते तापमान को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में आज के इस विश्लेषण में हम सबसे पहले जानेंगे कि आखिर ये हिट वेव क्या होती क्या है। क्यों भारत में टूट रहा है गर्मी का दशकों का रिकॉर्ड। मौसम विभाग का इस पर क्या कहना है। सबसे पहले जानते हैं कि आखिर हीट वेव है क्या?

मैदानी इलाके में जब तापमान 40 डिग्री या उससे अधिक हो जाता है तब लू या हीट वेव का असर दिखने लगता है। मौसम विभाग के विशेषज्ञ्यों ने भी इसे परिभाषित किया है। मौसम विभाग आइएमडी के अनुसार जब कभी मैदानी इलाकों का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक और पहाड़ी क्षेत्रों का तापमान 30 डिग्री तक पहुंच जाता है तो लू चलने लगती है और ये सेहत पर बुरा असर डालती है। अत्याधिक गर्म मौसम की अवधि को हीट वेव कहते हैं। अगर किसी क्षेत्र में तापमान 47 डिग्री तक पहुंच जाता है तो इसे खतरनाक लू की श्रेणी में रखा जाता है। तटीय क्षेत्रों में जब तापमान 37 डिग्री हो जाता है तो हीट वेव चलने लगती है।

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हीटवेव क्लाइमेटोलॉजी

शीत ऋितु बाद मार्च के महीने से भारत में अधिकतम तापमान में वृद्धि की प्रवृत्ति अमूमन दिखाई देती है, जो दक्षिणी भागों से शुरू होती है और उसके बाद मध्य और उत्तरी भारत में आती है। मार्च भारत में गर्मी के मौसम की शुरुआत है। इस महीने के दौरान, अधिकतम तापमान क्षेत्र ओडिशा और गुजरात के बीच मध्य भारत के क्षेत्रों में रहता है। इधर मार्च में गर्मियां शुरू हो जाती हैं। अप्रैल और मई में अधिकतम तापमान चरम पर होता है और भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिम मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, महाराष्ट्र में विदर्भ के हिस्सों में हीटवेब ज़ोन के रूप में पहचाना जाता है। उत्तर पश्चिम भारत के रेगिस्तानों से आने वाली गर्म हवाएं भी मध्य भारत के क्षेत्रों में बढ़ते तापमान में योगदान करती हैं।  हालांकि, अत्यधिक उत्तर, उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पश्चिमी भारत के क्षेत्रों में हीटवेव की संभावना कम होती है।

हीट वेव से नहीं मिलेगी राहत 

अभी मई का महीना शुरू भी नहीं हुआ है लेकिन अप्रैल में ही मौसम ने मई के महीने की कहानी बता दी है। अप्रैल के आखिरी हफ्ते में गर्मी का पारा 40 डिग्री के आंकड़े को पार कर गया और लोग मौसम की इस आग में झुलस रहे हैं। दिल्ली से लेकर महाराष्ट्र तक मौसम विभाग ने लू का अलर्ट जारी कर दिया है। लेकिन गर्मी का कहर केवल भारत पर ही नहीं बल्कि पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान पर भी पड़ रहा है। वहां भी लोग गर्मी से काफी परेशान हैं। मौसम विभाग के मुताबिक अगले पांच दिनों में भारत के कई हिस्सों में हीट वेब चलेगी। पंजाब से लेकर बिहार झारखंड तक और पश्चिम बंगाल, ओडिशा से लेकर गुजरात तक हीट वेब की स्थिति बनी रहेगी। यानी आने वाले समय में सूर्य देवता की कृपा आम लोगों पर बरसती रहेगी। लेकिन जहां तक आम लोगों की बात है उन्हें सूर्य देव की इस कृपा से काफी तकलीफ हो रही है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अभी तो गर्मी और बढ़ेगी। पश्चिमी राजस्थान में इसका कहर जारी रहेगा। वहीं मध्य प्रदेश, विदर्भ में आने वाले पांच दिनों तक लू चलती रहेगी। यही हाल पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी रहेगा। यहां दो मई के बाद पारे में बमुश्किल एक से दो डिग्री की कमी आ सकती है। बिहार, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र में भी हीट वेव से राहत नहीं मिलेगी। मौसम विभाग की ओर से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में ऑरेजं अलर्ट जारी किया गया है। 

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कितना रहा एक दिन पहले का तापमान 

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले एक सप्ताह में गर्मी से राहत मिलने की संभावना नहीं है। 29 अप्रैल के तापमान की बात करें तो पूरे देश में उत्तर प्रदेश का बांदा सबसे गर्म रहा। यहां 47.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। इसके अलावा महाराष्ट्र के चंद्रपुर व राजस्थान के श्री गंगानगर में तापमान 46.4 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं मध्य प्रदेश (खजुराहो) 45.4, दिल्ली (नजफगढ़) 45.9, हरियाणा (गुड़गांव) 45.9, झारखंड (डाल्टनगंज) 45.7 डिग्री सेल्सियस मापा गया। 

 क्यों पड़ रही है इतनी गर्मी

मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस साल अप्रैल के महीने में बारिश बिल्कुल भी नहीं हुई है। अमूमन मार्च-अप्रैल में हल्की बारिश होती थी, जिससे तापमान में थोड़ी कमी आती थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। एक मार्च से लेकर अब तक औसत बारिश में 87 फीसदी की कमी देखने को मिली है। यही कारण है कि होली के बात से तापमान लगातार बढ़ रहा है। इस साल मार्च महीने से ही देश के उन हिस्सों में हल्की बारिश भी नहीं हुई है, जहां पर भीषण गर्मी पड़ रही है। इसके अलावा, मार्च 2022 1901 के बाद भारत का तीसरा सबसे गर्म मार्च था। मौसम विभाग ने बताया है कि मार्च महीने में सामान्य अधिकतम तापमान 31.24 डिग्री सेल्सियस की तुलना में यह 32.65 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

विश्व मौसम संगठन का क्या है अनुमान 

मौसम विभाग मौसम की चेतावनी के लिए चार रंग के कोड का उपयोग करता है - ‘ग्रीन’ (किसी कार्रवाई की आवश्यकता नहीं), ‘येलो’ (देखें और अद्यतन रहें), ‘ऑरेंज’ (तैयार रहें) और ‘रेड’ (कार्रवाई करें)। आईएमडी ने शनिवार को दिल्ली के कई हिस्सों में भीषण लू की चेतावनी देते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वर्ल्ड मेटरोलॉजिकल आर्गनाइजेशन ने इस साल 2021 की तुलना में ओवरआल तापमान में 1.1 डिग्की सेल्सियस का इजाफा होने का अनुमान लगाया है। मतलब ये साल पिछले साल की तुलना में अधिक ताप वाला होगा। साल 2021 पिछले 90 सालों में सबसे गरम सालों में था। जून में दिल्ली में तापमान 44 डिग्री तक था। 

हीट वेव ने ली 166,000 से अधिक लोगों की जान 

एक तरह का नया आपातकाल, जिसके कारण दुनिया के कई शहर हीट ऑफिसर नियुक्त कर रहे हैं, दुनिया भर में सामने आने वाली गर्मी की भयावहता को दर्शाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, हीटवेव ने 1998 और 2017 के बीच 166,000 से अधिक लोगों की जान ले ली। भारत में बीते 50 सालों में लू के चलते 17 हजार से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। अध्ययन के अनुसार एक्सट्रीम वेदर इवेंट की वजह से 1971 के बाद से 1,41,308 लोगों की मौत हो गई है। इनमें 17362 लोग हीट वेव के कारण मारे गए। 

-अभिनय आकाश 






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