खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के टर्नओवर में हुई 248 फीसदी की वृद्धि, अमित शाह बोले- करोड़ों लोगों को मिलता है रोजगार

खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के टर्नओवर में हुई 248 फीसदी की वृद्धि, अमित शाह बोले- करोड़ों लोगों को मिलता है रोजगार
प्रतिरूप फोटो
Twitter

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि हिमंता बिस्वा सरमा के अथक प्रयासों के कारण भारत के गृह मंत्रालय ने एक-एक करके असम के सभी समूहों के साथ समझौता करके राज्य के भीतर शांति स्थापित करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि 9,000 से ज्यादा हथियारों समूहों ने आत्मसमर्पण करके मुख्यधारा में जुड़ना पसंद किया है।

गुवाहाटी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम के तामुलपुर में सोमवार को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के केंद्रीय स्टोर और कार्यशाला के उद्घाटन और खादी ग्रामोद्योग उत्पादों के शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के टर्नओवर में 248 फीसदी की वृद्धि हुई है और कुल टर्नओवर एक लाख करोड़ रुपए के पार हो गया है। खादी ग्राम उद्योग आयोग अगर एक लाख करोड़ का टर्नओवर करता है तो देश के करोड़ों लोगों को रोज़गार मिलता है। 

इसे भी पढ़ें: अमित शाह बोले- सही अर्थों में राष्ट्रीय नेता हैं नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री शब्द को वास्तविक पहचान दी 

उन्होंने कहा कि जब मैं बोडोलैंड आता हूं तो बहुत ज्यादा प्यार और विश्वास लेकर दिल्ली जाता हूं। उन्होंने कहा कि मैं सात साल पहले आया था, मैं उसी स्थान पर आज बैठा हूं जहां के युवा हाथ में हथियार लेकर संघर्ष कर रहे थे। हिंसा की राजनीति चल रही थी। सैकड़ों युवा मारे जा चुके थे और असम चुनाव के वक्त हमने वादा किया था कि अगर हमारी सरकार बनती है तो हम आतंकवाद को असम की सीमाओं के बाहर खदेड़ देंगे।

इसी बीच अमित शाह ने कहा कि हिमंता बिस्वा सरमा के अथक प्रयासों के कारण भारत के गृह मंत्रालय ने एक-एक करके असम के सभी समूहों के साथ समझौता करके राज्य के भीतर शांति स्थापित करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि 9,000 से ज्यादा हथियारों समूहों ने आत्मसमर्पण करके मुख्यधारा में जुड़ना पसंद किया है और इसका सबसे बड़ा उदाहरण बोडोलैंड का समझौता है। इसी क्षेत्र में हमने कहा था कि यह क्षेत्र आतंकवाद, हिंसा से मुक्त होगा। 

इसे भी पढ़ें: गृह मंत्री अमित शाह नौ मई को दो दिवसीय दौरे पर असम जाएंगे 

उन्होंने कहा कि हमने बोडोलैंड के साथ जो समझौता किया था उसे कम समय में पूरा किया है। असम आजादी के समय से बना हुआ राज्य है परंतु आज तक असम के स्पीकर पद पर किसी बोडो युवा का बैठना संभव नहीं हुआ था लेकिन आज बोडोलैंड से गया हूं व्यक्ति असम का स्पीकर है और उन पर पूरा राज्य गर्व करता है।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।