PMAY-U के लाभार्थियों को दिए जा चुके हैं 35 लाख मकान: हरदीप सिंह पुरी

Hardeep Singh Puri
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत ने विश्व इतिहास में सबसे बड़ा नियोजित शहरीकरण कार्यक्रम पूर्ण करने का जिम्मा उठाया है। मंत्रालय के अनुसार पीएमएवाई-यू के तहत बनाए गए घरों और मंत्रालय की पूर्व योजनाएं कोविड-19 से निपटने में वरदान साबित हुई हैं।

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना (पीएमएवाई-यू) के अंतर्गत लाभार्थियों को अब तक 35 लाख मकान दिए जा चुके हैं और वर्तमान में 65 लाख मकान निर्माणाधीन हैं। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पुरी ने कहा कि मिशन के तहत स्वीकृत किए गए सभी घरों के निर्माण कार्य से लगभग तीन करोड़ 65 लाख रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि इनमें से एक करोड़ 65 लाख रोजगार पहले ही सृजित हो चुके हैं। नरेंद्र मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शहरी क्षेत्रों में 2022 तक एक करोड़ 12 लाख करोड़ घर बनाने का लक्ष्य रखा है। केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री पीएमएवाई-यू, स्मार्ट सिटी मिशन और अमृत योजना की पांचवीं वर्षगांठ के अवसर पर डिजिटल माध्यम से एक संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। 

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पुरी ने कहा कि भारत ने विश्व इतिहास में सबसे बड़ा नियोजित शहरीकरण कार्यक्रम पूर्ण करने का जिम्मा उठाया है। मंत्रालय के अनुसार पीएमएवाई-यू के तहत बनाए गए घरों और मंत्रालय की पूर्व योजनाएं कोविड-19 से निपटने में वरदान साबित हुई हैं। पुरी ने कहा कि वर्तमान में विभिन्न राज्यों और संघ शासित प्रदेश में 22,000 घरों का इस्तेमाल कोविड-19 उपचार केंद्र के रूप में किया जा रहा है। अमृत योजना के बारे में मंत्री ने कहा कि मंत्रालय ने अब तक देश में 79 लाख नल और 45 लाख सीवर के कनेक्शन उपलब्ध कराए हैं। स्मार्ट सिटी मिशन के बारे में उन्होंने कहा कि मिशन के तहत बनाए गए 47 एकीकृत कमान और नियंत्रण केंद्रों (आईसीसीसी) ने कोविड-19 से मुकाबले में सहायता की है।

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