• कंबाइंड ग्रेजुएशन परेड में बोले वायुसेना प्रमुख, देश में बनेगा 5वीं पीढ़ी का एयरक्राफ्ट, ले लिया गया निर्णय

वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया ने बताया कि इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड पर चर्चा चल रही है। क्षमता बढ़ाने के लिहाज से राफेल और एलसीए (LCA) के बाद हमने 2-3 बड़े कदम उठाए हैं उसमें एएमसीए (AMCA) का सबसे बड़ा है।

हैदराबाद। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के डुंडीगल में वायुसेना अकादमी में कंबाइंड ग्रेजुएशन परेड हुई। जिसको वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया ने संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि भारत में अब 5वीं पीढ़ी का एयरक्राफ्ट बनाया जाएगा। जिसका निर्णय ले लिया गया है। 

इसे भी पढ़ें: वायुसेना प्रमुख ने कहा, बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है भारतीय वायु सेना 

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया ने बताया कि इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड पर चर्चा चल रही है। क्षमता बढ़ाने के लिहाज से राफेल और एलसीए (LCA) के बाद हमने 2-3 बड़े कदम उठाए हैं उसमें एएमसीए (AMCA) का सबसे बड़ा है। 5वीं पीढ़ी का एयरक्राफ्ट जो देश में बनेगा उसका निर्णय ले लिया गया है। इसे DRDO करेगा।

कंबाइंड ग्रेजुएशन परेड में वायुसेना प्रमुख ने कहा कि वास्तव में यह दिन आप में से प्रत्येक द्वारा दिखाए गए धैर्य और दृढ़ संकल्प का एक महान वसीयतनामा है। आज के दिन से आपका कर्तव्य होगा कि आप मूल-मूल्यों को जिएं और निस्वार्थता और बलिदान के माध्यम से अपनी गौरवशाली परंपरा को बनाए रखें।

उन्होंने कहा कि मेरा हमेशा से मानना ​​रहा है कि आप जिस पीढ़ी से हैं वह तकनीकी रूप से अनुकूल है और डिजिटल स्पेस का उपयोग करने में अच्छी तरह से वाकिफ है। अब आपके लिए इसे साबित करने का समय है। आप जिस माहौल में कदम रखेंगे, वह न केवल चुनौती देगा बल्कि आपकी क्षमताओं को भी बढ़ाएगा। 

इसे भी पढ़ें: राजनाथ सिंह ने अरुणाचल में राष्ट्र को समर्पित की 12 सामरिक सड़कें, ऐसे मिलेगा फायदा 

इसी बीच वायुसेना प्रमुख ने भारत-चीन मुद्दे का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अगले दौर के लिए बातचीत चल रही है। कमांडर स्तर की वार्ता का प्रस्ताव है और निर्णय लिए जाएंगे। पहला प्रयास बातचीत जारी रखने और संतुलन घर्षण बिंदुओं को हटाने और इसे डी-एस्केलेशन के साथ पालन करने का है।

उन्होंने कहा कि एक साल पहले जब ये हुआ था हमने तैनाती की थी। उसके बाद एक साल में हमारी ताकत को कम करने का तो सवाल ही पैदा नहीं है। इस एक साल में हमने भी कदम उठाए हैं और काम किया है। हमारी क्षमता जो एक साल पहले थी आज उससे कहीं ज्यादा है।