पांच गांवों में रातोंरात एक साथ गायब हुए 70 गधे, ढूंढ़ने में पुलिसकर्मियों के निकले पसीने, जानें पूरा मामला

पांच गांवों में रातोंरात एक साथ गायब हुए 70 गधे, ढूंढ़ने में पुलिसकर्मियों के निकले पसीने, जानें पूरा मामला

राजस्थान के पांच गावों से एक साथ 70 गधे गायब हो गए। गांववालों ने गधों के लापता होने का मामला थाने में दर्ज करवाया जिसके बाद राजस्थान पुलिस ने जैसे तैसे करके उनमें से कुछ गधों को ढूंढा। फिर गधों की पहचान करवाने के लिए उनकी परेड भी करवाई पर पशुपालकों ने उन्हें लेने से साफ़ मना कर दिया।

राजस्थान में एक बेहद ही दिलचस्प मामला सामने आया है जिसने राजस्थान पुलिस की रातों की नींद उड़ा दी हैं। दरअसल राजस्थान के पांच गावों से एक साथ 70 गधे गायब हो गए। गांववालों ने गधों के लापता होने का मामला थाने में दर्ज करवाया जिसके बाद राजस्थान पुलिस ने जैसे तैसे करके उनमें से कुछ गधों को ढूंढा। फिर गधों की पहचान करवाने के लिए उनकी परेड भी करवाई पर पशुपालकों ने उन्हें लेने से साफ़ मना कर दिया। आईये जानते हैं पूरा मामला क्या है-

इसे भी पढ़ें: कर्नाटक शहरी स्थानीय निकाय चुनाव में कांग्रेस ने हासिल की जबरदस्त जीत, राहुल-प्रियंका ने दी बधाई

आपको बता दें कि 70 गधों की चोरी का मामला राजस्थान के हनुमागढ़ के खुईयां थाना क्षेत्र का है। यहाँ पांच गांवों से मंगलवार को 70 गधे अचानक गायब हो गए। पशुपालकों ने गधों की गुमशुदगी का मामला थाने में जाकर दर्ज करवाया। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जाँच शुरू की। बहुत मशक्कत करने के बाद जैसे तैसे पुलिस ने 70 गधों में से 15 को ढूंढ निकला, फिर उन्हें थाने लाया गया। गधों की पहचान करवाने के लिए पशुपालकों को थाने बुलाया गया। इसके बाद पहचान करवाने के लिए गधों की परेड करवाई गई। पशुपालकों ने अपने अपने गधों के नाम चिल्लाना शुरू किया पर एक भी गधा टस से मस नहीं हुआ। इसे देखते हुए पशुपालकों ने पुलिस को बताया कि यह उनके गधे नहीं हैं, उन्होंने हर गधे को एक नाम दिया हुआ है। नाम पुकारते ही गधा कान हिलाकर आवाज निकालना शुरू कर देता है। इसी से पहचान होती है कि कौनसा किसका गधा है। इसके साथ ही पशुपालकों ने को लेने से इंकार कर दिया।

इसे भी पढ़ें: ओमिक्रोन का बाजार पर नहीं पड़ा असर, हरे निशान पर खुला सेंसेक्स-निफ्टी

खुईयां SHO विजेंद्र शर्मा ने बताया कि कुछ दिन पहले देवासर, सिरंगसर, रायकावाली ढाणी, भावलदेसर और जबरासर गांव से 70 गधे एक साथ गायब हो गए थे। पशुपालकों ने गधों की गुमशुदगी का मामला दर्ज करवाया था। तलाश के लिए 4 कांस्टेबलों की टीम बनाई गई। इस दौरान 15 गधों को पकड़कर थाने लाया गया। पशुपालकों को पहचान के लिए थाने बुलाया गया पर उन्होंने बताया कि यह गधे उनके नहीं हैं। अब तलाश फिर से शुरू की जाएगी। पशुपालक गधों की पहचान नाम से करते हैं। अब पुलिसकर्मी हर गधे के कान में जाकर उसका नाम बोलेंगे और पहचान करेंगे।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

Prabhasakshi logoखबरें और भी हैं...

राष्ट्रीय

झरोखे से...