पुजारी को चाय देने मंदिर पहुंचा ग्रामीण, कंबल हटाई तो धड़ से अलग पड़ा था सिर; मची सनसनी

पुजारी को चाय देने मंदिर पहुंचा ग्रामीण, कंबल हटाई तो धड़ से अलग पड़ा था सिर; मची सनसनी

गुरूग्राम के कादरपुर गांव का मोहनराम मंदिर 40 साल पुराना है और जब से यह मंदिर बना है तब से यहां एक पुजारी ही रहते थे जिनका नाम गोविंद दास था। उनकी उम्र लगभग 90 साल हो गई थी और पिछले एक साल से वह लकवे की बिमारी से जूझ रहे थे जिसके कारण वह चल भी नहीं सकते थे।

गुरुग्राम से एक बड़ा ही हैरान कर देने मामला सामने आया है जहां एक मंदिर के 90 साल के पुजारी की बड़ी बेरहमी से हत्या कर दी गई है। गुरुग्राम के कादरपुर गांव में हत्यारे ने पुजारी की गर्दन को धड़ से अलग कर दिया है और शव को कंबल से ढक कर फरार हो गया। जानकारी मिलने के तुरंत बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई है। बता दें कि, इस वारदात से पूरे कादरपुर गांव में सनसनी मच गई है। लोगों को सूचना मिली की प्राचीन मोहनराम मंदिर में 90 साल के पुजारी कि हत्या कर दी गई है। गुरूग्राम के कादरपुर गांव का मोहनराम मंदिर 40 साल पुराना है और जब से यह मंदिर बना है तब से यहां एक पुजारी ही रहते थे जिनका नाम गोविंद दास था। उनकी उम्र लगभग 90 साल हो गई थी और पिछले एक साल से वह लकवे की बिमारी से जूझ रहे थे जिसके कारण वह चल भी नहीं सकते थे।

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पुजारी के लिए एक सेवादार भी था जो मंगलवार की सुबह अपने गांव चला गया था और उसी रात को पुजारी की हत्या कर दी गई। बुधवार की सुबह जब ग्रामीण पुजारी को चाय देने के लिए मंदिर गए तो बहुत बार आवाज देने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। जब ग्रामीण ने पुजारी के ऊपर रखे कंबल को हटाया तो ग्रामीण देखकर हैरान रह गया कि पुजारी का सिरा धड़ से अलग कटा हुआ पड़ा था। मंदिर के पुजारी की हत्या की जानकारी गांव में फैल गई और पुरा गंवा मंदिर में इकट्ठा हो गया। मामले की जांच गुरुग्राम पुलिस को दी गई और मौके पर क्राइम डीसीपी, एसीपी, फोरेंसिक टीम और डॉग स्कवायड भी पहुंचे। जांच में पुलिस को मामला लूटपाट का नहीं लग रहा था क्योंकि पैसे सुरक्षित पड़े हुए थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 





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