AAP MLA Kuldeep Kumar को पुलिस ने रिहा किया, Delhi High Court को दी जानकारी

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सफाईकर्मी की हत्या के विरोध में प्रदर्शन कर रहे आम आदमी पार्टी के विधायक कुलदीप कुमार को दिल्ली पुलिस ने एहतियाती हिरासत से रिहा कर दिया है। पुलिस अधिकारियों ने इस संबंध में दिल्ली उच्च न्यायालय की पीठ को मंगलवार को जानकारी प्रदान की। विधायक के परिजनों की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई के दौरान पीठ ने रिहाई के बाद मामले को समाप्त माना।

दिल्ली उच्च न्यायालय को मंगलवार को बताया गया कि सफाईकर्मी की हत्या के विरोध में प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक कुलदीप कुमार को एहतियातन हिरासत में लिया गया था और अब उन्हें रिहा कर दिया गया है। कुमार के परिवार ने ‘‘अवैध’’ हिरासत की आशंका के चलते अदालत से दखल देने का आग्रह किया था। न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति रविंदर डुडेजा की पीठ को यह बताया गया, जो कुमार की कथित अवैध हिरासत को लेकर दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

याचिका में कुमार के परिवार वालों ने दावा किया कि सादे कपड़ों में आए पुलिसकर्मियों ने मंगलवार तड़के करीब चार बजे विधायक को ‘‘उठा लिया’’ और तब से वे उनसे संपर्क नहीं कर पाए हैं। इससे पहले मुख्य न्यायाधीश डी. के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ के समक्ष मामले का तत्काल सुनवाई के लिए उल्लेख किया गया, जिसके बाद पीठ ने याचिका को मंगलवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने की अनुमति दी। पुलिस ने अदालत को बताया कि कुमार को मंगलवार तड़के एहतियातन हिरासत में लिया गया था और अपराह्न तीन बजकर 48 मिनट पर रिहा कर दिया गया।

पीठ ने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि कुमार की रिहाई के बाद मौजूदा याचिका का उद्देश्य पूरा हो गया है। अन्य राहत के लिए याचिकाकर्ता का परिवार उचित कानूनी उपाय अपनाने के लिए स्वतंत्र है।’’ कुमार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता शादान फरासत ने कहा कि सादे कपड़ों में आए करीब 20-25 पुलिसकर्मी विधायक को ‘‘उठाकर ले गए’’ और इसके बाद से उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा। यह स्थिति तब तक बनी रही, जब तक मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख नहीं किया गया।

वकील ने कहा कि कोंडली के विधायक के परिवार ने पुलिस से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनके ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। वकील ने कहा, ‘‘कल वह (विधायक) इलाके में एक सफाई कर्मचारी की हत्या के विरोध में प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे थे और मुआवजे की मांग कर रहे थे। आज सुबह उन्हें हिरासत में ले लिया गया।

आज सुबह उन्हें हिरासत में लिया गया। क्या यह ऐसी कठोर एहतियाती हिरासत में लिए जाने का आधार हो सकता है?’’ वकील ने कहा कि सुनवाई शुरू होने से कुछ मिनट पहले उन्हें सूचना मिली कि विधायक को रिहा कर दिया गया है। वकील ने कहा कि कुमार को ले जाने वालों ने विधायक के आई.पी. एक्सटेंशन स्थित आवास पर लगे सीसीटीवी कैमरों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।

वे सीसीटीवी सिस्टम का डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (डीवीआर) भी अपने साथ ले गए। उन्होंने विधायक को ‘‘अवैध हिरासत’’ में रखे जाने और उनकी संपत्ति को हुए नुकसान के लिए मुआवजे का अनुरोध किया। कुमार की पत्नी द्वारा दायर याचिका में कहा गया, ‘‘याचिकाकर्ता के पति को बिना किसी गिरफ्तारी वारंट के और कानून की उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना अवैध रूप से हिरासत में लिया गया तथा उन्हें जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता से वंचित किया गया।’’ सोमवार को दिल्ली के सैकड़ों सफाई कर्मचारियों ने कल्याणपुरी में ड्यूटी पर तैनात एक सफाई कर्मचारी की हत्या के विरोध में लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में प्रदर्शन किया।

उन्होंने एक करोड़ रुपये के मुआवज़े और परिवार के एक सदस्य के लिए पक्की सरकारी नौकरी की मांग की।

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