करीब 4 साल बाद सक्रिय राजनीति में दिखेंगे लालू यादव, सुशील मोदी बोले- इसके लिए नहीं मिली है जमानत

करीब 4 साल बाद सक्रिय राजनीति में दिखेंगे लालू यादव, सुशील मोदी बोले- इसके लिए नहीं मिली है जमानत

माना जा रहा है कि ज्यादातर कार्यक्रम ऑनलाइन ही होंगे क्योंकि कोरोना गाइडलाइंस का पालन भी करना है। लालू यादव भी कार्यकर्ताओं से वर्चुअल संवाद करेंगे। कार्यक्रम का उद्घाटन भी लालू प्रसाद यादव करेंगे।

राजद सुप्रीमो लालू यादव लगभग साढ़े 4 साल बाद किसी राजनीतिक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव अगले हफ्ते पार्टी के रजत जयंती समारोह का उद्घाटन करेंगे। लालू के छोटे पुत्र और उनके राजनीतिक उत्तराधिकारी माने जाने वाले तेजस्वी यादव ने इस आशय की घोषणा की और कहा कि उनके पिता अपने खराब स्वास्थ्य के कारण ऑनलाइन माध्यम से राजद की रजत जयंती का उद्घाटन करेंगे। इतना ही नहीं, 5 जुलाई को राजद रामविलास पासवान की जयंती भी मनाएगी। तेजस्वी यादव की देखरेख में पार्टी की ओर स्थापना दिवस को मनाने की तैयारी जोर शोर से की जा रही है। माना जा रहा है कि ज्यादातर कार्यक्रम ऑनलाइन ही होंगे क्योंकि कोरोना गाइडलाइंस का पालन भी करना है। लालू यादव भी कार्यकर्ताओं से वर्चुअल संवाद करेंगे। कार्यक्रम का उद्घाटन भी लालू प्रसाद यादव करेंगे।

बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी ने पटना में आयोजित राजद की बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘पार्टी के कार्यकर्ताओं को पांच जुलाई को लालू जी के साथ फिर से बातचीत करने का मौका मिलेगा, जब वह हमारे रजत जयंती समारोह का उद्घाटन करेंगे। हमें अपने उद्घाटन समारोह को मुख्य रूप से ऑनलाइन माध्यम तक सीमित रखना होगा क्योंकि बिहार सरकार किसी भी राजनीतिक समारोह की अनुमति नहीं दे रही है।’’ चारा घोटाला के कई मामलों में सजा काट रहे लालू कुछ महीने पहले झारखंड उच्च न्यायालय से जमानत मिलने पर जेल से छूटे थे और बीमार राजद सुप्रीमो तब से नई दिल्ली में अपनी बडी पुत्री और सांसद मीसा भारती के आवास पर रह रहे हैं। इससे पूर्व पार्टी की जिला इकाई के प्रमुखों को संबोधित करते हुए तेजस्वी ने कहा, ‘‘मुझे आश्चर्य है कि क्या यह महज संयोग था कि बिहार में उसी समय के आसपास लॉकडाउन की घोषणा की गई, जब लालू जी को रिहा किया गया था। हमें अपने नेता के हमारे बीच न होने पर किसी भी हाल में हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। हम राज्य विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी हैं और हमें छल से सत्ता से वंचित किया गया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास जो भी अवसर है हम उसका अधिकतम लाभ उठाएं। पांच जुलाई को हर चौक-चौराहे पर लालू यादव की तस्वीर वाले पार्टी के पोस्टर लगाएं।

सुशील मोदी ने साधा निशाना

लालू यादव के कार्यक्रम को संबोधित करने को लेकर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद सुशील मोदी ने उन पर निशाना साधा है। सुशील मोदी ने एक के बाद एक ट्वीट करते हुए कहा कि चारा घोटाला में सजायाफ्ता लालू प्रसाद जमानत पर छूटने के बाद यदि पटना आते हैं, तो इससे राजनीति को कोई फर्क नहीं पड़ने वाला, लेकिन छवि ऐसी बनायी जा रही है, जैसे वे कोई जिन्न निकाल कर पार्टी का राज वापस ला देंगे। उन्होंने कहा कि वे जेल में रह कर या जमानत मिलने पर वर्चुअल माध्यम से यदि राजनितिक गतिविधियों में शामिल होते हैं, तो इस पर सीबीआई को संज्ञान लेना चाहिए। लालू प्रसाद रांची में राजकीय अतिथिशाला जैसी जेल में रहते हुए भी ट्विटर और मोबाइल फोन के जरिये सक्रिय थे, लेकिन पिछले विधानसभा चुनाव में राजद की सीटें कम ही हुईं। 

सुशील मोदी ने आगे कहा कि लालू प्रसाद ने भाजपा विधायक को तोड़ने और बनने के समय ही एनडीए सरकार को अस्थिर करने की नाकाम कोशिश तो फोन पर ही की थी। भ्रष्टाचार के मामले में लंबी सजा के कारण वे मुखिया का भी चुनाव नहीं लड़ सकते। जमानत उन्हें स्वास्थ्य के आधार पर मिली है, राजनीति के लिए नहीं। जमानत मिलने का सबसे अच्छा उपयोग यही होगा कि लालू प्रसाद पटना में राबड़ी देवी को साथ लेकर कोरोना का टीका लें। इससे गरीबों ग्रामीणों के बीच वैक्सीन को लेकर संशय दूर होगा और टीकाकरण की गति बढेगी।





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