किसान नेताओं से सरकार कब करेगी बात? कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने दिया यह जवाब

किसान नेताओं से सरकार कब करेगी बात? कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने दिया यह जवाब

केंद्र के तीन नये कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों ने भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मध्य दिल्ली के जंतर मंतर पर किसान संसद शुरू की। जंतर मंतर, संसद भवन से कुछ ही दूरी पर स्थित है जहां मॉनसून सत्र चल रहा है।

केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान नेता लगातार आठ महीनों से आंदोलन कर रहे हैं। हालांकि सरकार और किसान नेताओं के बीच लगभग 11 दौर की बातचीत हो चुकी है। लेकिन सभी बातचीत बेनतीजा रही। जनवरी के बाद से किसान नेताओं और सरकार के बीच कोई बातचीत नहीं हुई है। हालांकि दोनों पक्ष लगातार यह दावा करते हैं कि हम बातचीत को तैयार हैं। इन सब के बीच एक बार फिर से केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से सवाल किया गया कि किसानों के साथ बातचीत कब होगी। इस पर नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि हमने उनसे लगातार बात की है। अपना प्रस्ताव भी दिया है। उन्होंने उस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया तो हमने कहा है कि आपका क्या प्रस्ताव है? आप लेकर आएं तो चर्चा करेंगे। बात किस पर करनी है? बात का विषय होगा तो चर्चा होगी न?

न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि सरकार किसानों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जहां तक किसान यूनियन का सवाल है। उनकी आपत्ति है। पूरे देश के बहुसंख्यक किसान इस सुधार के साथ खड़े हैं। इसके बावजूद भी यूनियन के प्रति भारत सरकार पूरी तरह संवेदनशील है। केंद्र के तीन नये कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों ने भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मध्य दिल्ली के जंतर मंतर पर किसान संसद शुरू की। जंतर मंतर, संसद भवन से कुछ ही दूरी पर स्थित है जहां मॉनसून सत्र चल रहा है। किसानों ने कहा कि किसान संसद आयोजित करने का उद्देश्य यह प्रदर्शित करना है कि अपने 600 लोगों की जान गंवाने के बाद भी उनका आंदोलन अब भी जारी है।





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