पूर्ववर्ती सरकार पर बरसे योगी आदित्यनाथ, बोले- उनके पास नहीं था विकास का कोई एजेंडा

पूर्ववर्ती सरकार पर बरसे योगी आदित्यनाथ, बोले- उनके पास नहीं था विकास का कोई एजेंडा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आजादी के समय जो उत्तर प्रदेश देश के विकास में अग्रणी भूमिका निभा रहा था, वह प्रदेश अराजकता के चलते बिमारू राज्य में बदल गया। पिछली सरकारों में दंगा और माफियागिरी उत्तर प्रदेश पहचान बन गई थी।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहारनपुर के गांव पुवांरका में मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय के शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने पूर्ववर्ती अखिलेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अपनी हस्त कला, औद्योगिक गतिविधियों के लिए जाना जाने वाला ये जनपद सहारनपुर दशकों से मांग कर रहा था कि उनका अपना विश्वविद्यालय हो। पिछली सरकार के पास विकास का कोई एजेंडा नहीं था। जहां जातिवाद, वंशवाद और परिवारवाद हावी होगा वहां विकास के लिए जगह नहीं होगी। 

इसे भी पढ़ें: भाजपा पर बरसे संजय सिंह, बोले- साढ़े चार साल तक इन्हें मथुरा-काशी की नहीं आई याद

विकास की नई बुलंदियों को छू रहा उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के समय जो उत्तर प्रदेश देश के विकास में अग्रणी भूमिका निभा रहा था, वह प्रदेश अराजकता के चलते बिमारू राज्य में बदल गया। पिछली सरकारों में दंगा और माफियागिरी उत्तर प्रदेश पहचान बन गई थी। उन्होंने कहा कि आज यह देश सुरक्षित हाथों में हैं और विकास की नई बुलंदियों को छूता नजर आ रहा है। कभी दिल्ली से सहारनपुर आने में दस घंटे लगते थे लेकिन अब ढाई घंटे में उस सफर को पूरा किया जा रहा है। 

इसे भी पढ़ें: प्रधानमंत्री मोदी काशी विश्वनाथ कॉरिडोर परियोजना को इस महीने लोगों को समर्पित करेंगे: यूपी सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में पलायन, दंगे और अराजकता चरम पर थी जिससे प्रदेश की छवि खराब हो गई थी। बेटियां स्कूल नहीं जा पाती थीं। प्रदेश पिछड़ते-पिछड़ते बीमारू राज्य के रूप में गिना जाने लगा था। उन्होंने कहा कि पुरानी सरकार मुजफ्फरनगर दंगे के मुख्य आरोपी को मुख्यमंत्री आवास में सम्मानित करके बड़ी ही बेशर्मी के साथ प्रदेश के दंगाईयों के हौसलों को बढ़ावा देने का काम करती थी।

यहां सुने पूरा संबोधन:-  





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।