नशा तस्करी पर राजनीतिक बयानबाजी छोड़ समाधान दें Amit Shah, बोले Aman Arora

आम आदमी पार्टी की पंजाब इकाई के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने केंद्रीय गृह मंत्री के आगामी दौरे से पहले उनसे सीमा पार और अन्य राज्यों से हो रही नशा तस्करी पर जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन काम करने वाली बीएसएफ का अधिकार क्षेत्र सीमा से 50 किलोमीटर तक होने के बाद भी पाकिस्तान से ड्रग्स क्यों आ रहे हैं।
आम आदमी पार्टी (आप) की पंजाब इकाई के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे से पहले सोमवार को उनसे पाकिस्तान से पंजाब में मादक पदार्थों की तस्करी और गुजरात के एक बंदरगाह से नशीले पदार्थों की आपूर्ति के मुद्दों पर जवाब देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि शाह को राजनीतिक बयानबाजी करने के बजाय इन समस्याओं का समाधान पेश करना चाहिए। शाह ने रविवार को घोषणा की थी कि वह 20 अक्टूबर को पंजाब का दौरा करेंगे और मादक पदार्थों के खतरे के खिलाफ आवाज उठाने के कारण कथित तौर पर जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों से मुलाकात करेंगे।
शाह ने यह आरोप भी लगाया था कि पंजाब की आप सरकार ने राज्य को ‘नशे की गर्त में धकेलने’ में कोई कसर नहीं छोड़ी है। यहां संवाददाताओं से बातचीत में अरोड़ा ने कहा कि शाह देश के गृह मंत्री हैं और उनका हर जगह स्वागत है, लेकिन उन्हें जवाब देना चाहिए कि पाकिस्तान से अब भी पंजाब में मादक पदार्थ क्यों आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन काम करने वाले सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का अधिकार क्षेत्र सीमा से 50 किलोमीटर तक है।
उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि गुजरात के एक बंदरगाह से राजस्थान और हरियाणा के रास्ते पंजाब में मादक पदार्थ क्यों पहुंच रहे हैं, जबकि इन राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं। राज्य के कैबिनेट मंत्री अरोड़ा ने कहा, गुजरात के एक बंदरगाह पर तीन हजार किलोग्राम मादक पदार्थ पहुंचते हैं। वहां भाजपा की सरकार है और वहां से ये राजस्थान तथा हरियाणा के रास्ते पंजाब पहुंचते हैं।
इन सभी राज्यों में भाजपा की सरकार है। अरोड़ा ने कहा, पूरा पंजाब उनका स्वागत करेगा। लेकिन अगर वह केवल राजनीतिक बयानबाजी करके लौट जाते हैं, तो मुझे लगता है कि यह सही नहीं होगा।
दौरे के दौरान शाह मानसा में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले परविंदर सिंह झोटा और संगरूर में गुलजार सिंह के परिजनों से मुलाकात करेंगे। दोनों की मौत राज्य में मादक पदार्थों की समस्या से जुड़े घटनाक्रमों में हुई थी। संगरूर जिले के दिड़बा निवासी गुलजार सिंह ने सात सितंबर को आत्महत्या कर ली थी।
उनके परिवार ने आरोप लगाया था कि अपने इलाके में मादक पदार्थों की आपूर्ति को लेकर पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से सवाल करने के कारण उन्हें परेशान किया गया और जातिसूचक गालियां दी गईं, जिसके बाद उन्होंने जहर खा लिया। केंद्रीय गृह मंत्री गुरदासपुर भी जाएंगे, जहां वह 16 अक्टूबर को मारे गए 40 वर्षीय व्यक्ति के परिवार से मिलेंगे। ग्रामीणों का दावा है कि इलाके में मादक पदार्थों की बिक्री का विरोध करने के कारण उस व्यक्ति को निशाना बनाया गया।
हालांकि, पुलिस ने कहा कि उसकी हत्या मोबाइल फोन को लेकर दो समूहों के बीच हुई झड़प का नतीजा थी। मानसा में झोटा की गोली मारकर हत्या किए जाने के छह दिन बाद भी उनका पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार नहीं हुआ है। उनके परिजन और समर्थक न्याय मिलने तक अंतिम संस्कार नहीं करने पर अड़े हैं।
झोटा के परिजन और समर्थक मानसा में न्याय की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं। झोटा की हत्या के बाद विभिन्न संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की एक संयुक्त कार्रवाई समिति बनाई गई है। समिति मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और पुलिस महानिदेशक गौरव यादव के इस्तीफे तथा मानसा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक, थाना प्रभारी और औषधि निरीक्षक को बर्खास्त करने की मांग कर रही है।
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