Arunachal Pradesh के Namsai में बाल तस्करी गिरोह का पर्दाफाश, 51 लोग सुरक्षित बचाए गए

अरुणाचल प्रदेश पुलिस ने नामसाई में बड़े अभियान के तहत 47 बच्चों सहित 51 लोगों को तस्करों के चंगुल से छुड़ाया है। मामले में एक अन्य महिला सहयोगी को गिरफ्तार करने के साथ अब तक कुल पांच गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। अधिकारियों के अनुसार कमजोर परिवारों को बेहतर परवरिश का झांसा देकर बच्चों को मजदूरी के लिए भेजा जा रहा था।
अरुणाचल प्रदेश के नामसाई में पुलिस ने बाल तस्करी गिरोह से जुड़े मामले में 47 बच्चों समेत 51 लोगों को तलाश कर बचाया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। नामसाई थाने में दर्ज मामले में कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि वाले परिवारों के बच्चों की अवैध खरीद-फरोख्त, उनकी तस्करी करने और उन्हें अन्य लोगों के पास रखने के आरोप हैं।
नामसाई के पुलिस अधीक्षक सांगे थिनले ने बताया कि लगातार जांच, मैदानी स्तर पर सत्यापन और कई जिलों तथा राज्यों में चलाए गए समन्वित अभियानों के कारण बचाए गए बच्चों की संख्या शुरुआती चरण में 19 से बढ़कर पहले 38 और अब 51 हो गई है। इनमें चार वयस्क भी शामिल हैं। पुलिस ने नामसाई के काबा गांव की रहने वाल एमा लोयी को भी गिरफ्तार किया है, जो तस्करी में कथित तौर पर सहयोग करती थी।
इसके साथ ही बाल तस्करी मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या पांच हो गई है। पुलिस अधीक्षक ने कहा, ‘‘आरोपियों से छुड़ाए गए बच्चों के बयान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 183 के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज किए गए हैं।’’ उन्होंने बताया कि पुलिस फिलहाल मामले में हुए वित्तीय लेन-देन और धन के प्रवाह की जांच कर रही है, ताकि लेन-देन की प्रकृति, उद्देश्य और दायरे का पता लगाया जा सके तथा प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी तय की जा सके। जांच का मुख्य उद्देश्य पूरे नेटवर्क का पता लगाना है, जिसमें माता-पिता या अभिभावकों के स्तर से लेकर बिचौलियों और बच्चों को अपने पास रखने वाले लोगों तक की पूरी कड़ी शामिल है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इस गिरोह का निशाना कमजोर परिवार थे। आरोपियों ने उन्हें बच्चों को बेहतर शिक्षा और परवरिश दिलाने का झांसा दिया था। जांच के दौरान बिचौलियों और माता-पिता के बीच प्रति बच्चे 10,000 से 50,000 रुपये तक के वित्तीय लेन-देन का भी पता चला।
पुलिस के अनुसार, बचाए गए कई बच्चों को इन झूठे वादों के आधार पर घरेलू काम करने के लिए लोगों के घरों में रखा गया था या होटलों में काम करने के लिए भेज दिया गया था।
अन्य न्यूज़













