अशोक गहलोत बोले- सभी विधानसभा क्षेत्रों में विकसित होंगी मॉडल सीएचसी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अगस्त 25, 2020   07:39
अशोक गहलोत बोले- सभी विधानसभा क्षेत्रों में विकसित होंगी मॉडल सीएचसी

उन्होंने इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को प्रारूप तैयार करने तथा आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। मॉडल सीएचसी में सभी तरह की जांच और इलाज की सुविधाएं विकसित करने के लिए विधायक कोष से राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि राज्य के सभी विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक मॉडल सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) विकसित किए जाएंगे। उन्होंने इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को प्रारूप तैयार करने तथा आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। मॉडल सीएचसी में सभी तरह की जांच और इलाज की सुविधाएं विकसित करने के लिए विधायक कोष से राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

गहलोत ने सोमवार को राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि कोविड-19 महामारी के समय चिकित्सा सुविधाओं में किसी तरह की कमी नहीं रहे और ग्रामीण क्षेत्रों में भी आमजन को पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया हों, इसी उद्देश्य से राज्य सरकार ने यह महत्वपूर्ण फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि मॉडल सीएचसी के लिए संबंधित क्षेत्र के विधायक की भी राय ली जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश के मौसम में निमोनिया की आशंका बढ़ जाती है। 

इसे भी पढ़ें: याचिका का निपटारा करते हुए HC ने विधानसभा अध्यक्ष से कहा, भाजपा विधायक की शिकायत पर करें सुनवाई

से में निमोनिया के साथ कोरोना वायरस संक्रमण होना गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग विशेष एहतियात बरतते हुए निमोनिया और कोविड-19 दोनों के संक्रमण को रोकने के सभी उपाय करे। उन्होंने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को भी स्वास्थ्य प्रोटोकॉल की अनुपालना सख्ती से करवाने के निर्देश दिए। बैठक में प्रमुख सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) अखिल अरोरा ने बताया कि प्रदेश में कोरोना से मृत्यु की दर अभी 0.97 प्रतिशत है, जो पूरे देश के औसत एवं अन्य राज्यों के मुकाबले काफी कम है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।