Assam ने 2030 तक 3,500 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा: Himanta

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परियोजना सालाना 14.1 करोड़ यूनिट बिजली पैदा करेगी और कार्बन उत्सर्जन में लगभग 1.15 लाख टन की कमी लाएगी। शर्मा ने उद्घाटन के बाद संवाददाताओं से कहा कि सरकार अतिक्रमण से मुक्त कराई गई भूमि पर ही विकास परियोजनाएं शुरू करेगी।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य ने वर्ष 2030 तक 3,500 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री ने धुबरी जिले के बिलासीपारा क्षेत्र के खुदीगांव में 70 मेगावाट के सौर ऊर्जा संयंत्र का उद्घाटन किया।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अतिक्रमण मुक्त कराई गई सरकारी जमीन पर विकास परियोजनाएं शुरू करेगी, जिससे रोजगार पैदा करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

शर्मा ने सौर पार्क का उद्घाटन करने के बाद एक्स पर लिखा, ‘‘आज हमारी सौर क्षमता 680 मेगावाट तक पहुंच गई है और अप्रैल तक हम 750 मेगावाट के आंकड़े को छू लेंगे। हम एक टिकाऊ और स्वच्छ उर्जा भविष्य की ओर निरंतर बढ़ रहे हैं।’’

उन्होंने कहा, असम का सौर ऊर्जा लक्ष्य 2030 तक 3,500 मेगावाट है।’’ यह नयी परियोजना एसजेवीएन ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एसजीईएल) और असम पावर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एपीडीसीएल) द्वारा संयुक्त रूप से विकसित की गई है।

एसजीईएल, सार्वजनिक क्षेत्र की नवरत्न कंपनी एसजेवीएन लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया पर बताया कि 350 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनी यह परियोजना सालाना 14.1 करोड़ यूनिट बिजली पैदा करेगी और कार्बन उत्सर्जन में लगभग 1.15 लाख टन की कमी लाएगी। शर्मा ने उद्घाटन के बाद संवाददाताओं से कहा कि सरकार अतिक्रमण से मुक्त कराई गई भूमि पर ही विकास परियोजनाएं शुरू करेगी।

उन्होंने कहा, हमारा उद्देश्य सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त करना और उन पर परियोजनाएं शुरू करना है। इससे रोजगार सृजन होगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

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