असम सरकार ने बाढ़ पीड़ितों के परिजनों के लिए मुआवजा नियम किए आसान, मिलेगी अतिरिक्त सहायता

असम सरकार ने बाढ़ पीड़ितों के परिजनों के लिए मुआवजा नियम किए आसान, मिलेगी अतिरिक्त सहायता
प्रतिरूप फोटो

असम सरकार ने इस साल बाढ़ में मारे गए या लापता लोगों के परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि के नियमों में ढील दी है। अब मुआवजा पाने के लिए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की जरूरत नहीं होगी और क्षेत्रीय अधिकारी का प्रमाणपत्र ही पर्याप्त माना जाएगा। इसके अलावा मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये का अतिरिक्त मुआवजा भी दिया जाएगा।

गुवाहाटी, 28 जुलाई असम सरकार ने मंगलवार को घोषणा की कि वह इस वर्ष बाढ़ में मारे गए या लापता हुए लोगों के परिजन को अनुग्रह राशि देने के नियमों में ढील देगी। उसने कहा कि मृतकों के परिजन को पांच-पांच लाख रुपये का अतिरिक्त मुआवजा दिया जाएगा। सरकार ने मुख्यमंत्री राहत कोष में प्राप्त दान राशि से बाढ़ के कारण बुरी तरह प्रभावित परिवारों और छात्रों को अंतरिम आर्थिक सहायता देने का भी फैसला लिया।

मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने ‘फेसबुक लाइव’ पोस्ट में कहा, ‘‘अब तक नियम यह था कि सरकार की ओर से मिलने वाली अनुग्रह राशि को पाने के लिए मृतक के परिजन को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट जमा करनी पड़ती थी। हमने इसे खत्म करने का फैसला किया है और अब क्षेत्रीय अधिकारी का प्रमाणपत्र पर्याप्त होगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वर्तमान में प्रत्येक पीड़ित के लिए दी जा रही चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि के अलावा हमने मुख्यमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजन को पांच-पांच लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता राशि देने का निर्णय लिया है।’’ बाढ़ में लापता लोगों के मामले में शर्मा ने कहा कि यह फैसला किया गया है कि अगर एक महीने के भीतर शव नहीं मिलते हैं, तो पीड़ितों के परिवारों को कुल नौ-नौ लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी; इसके लिए क्षेत्रीय अधिकारी को जरूरी प्रमाणपत्र जारी करने का अधिकार दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट जैसे सबसे अधिक प्रभावित चार जिलों में सरकार बाढ़ से बुरी तरह जूझ रहे परिवारों को 15-15 हजार रुपये की अंतरिम राशि देगी, जिसका इस्तेमाल वे अपनी घरेलू जरूरतों के लिए कर सकते हैं।

शर्मा ने कहा, ‘‘मैंने सुबह जिला आयुक्तों से बात की और लगभग एक लाख परिवारों को इस अंतरिम राहत की जरूरत होगी, जिसे उनके बैंक खातों में हस्तांरित किया जाएगा।’’ उन्होंने कहा कि इन चार जिलों के ‘अरुणोदय’ लाभार्थियों को अगस्त महीने में सामान्य 1,250 रुपये की जगह 2,500 रुपये दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके कारण राज्य के अन्य हिस्सों के लाभार्थियों को दी जाने वाली राशि में कुछ कमी आएगी। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पूरा यकीन है कि अन्य क्षेत्रों के लोगों को एक बार की मामूली कटौती से कोई आपत्ति नहीं होगी।’’ शर्मा ने कहा कि शिवसागर और चराइदेव के छात्रों के लिए सरकार एक बार फिर मुफ्त स्कूल वर्दी और पाठ्यपुस्तकों के लिए सहायता देगी।

इन दो जिलों में उच्च माध्यमिक, स्नातक और स्नातकोत्तर के छात्रों को यह आर्थिक सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि शैक्षणिक अंकपत्रों की डुप्लीकेट प्रति जारी करने के लिए लगने वाले शुल्क को भी माफ करने का फैसला लिया गया है।

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