Ayodhya Deepotsav: सरयू के 56 घाटों पर 30 लाख दीये जलाने का लक्ष्य, निकाली गई 21 झांकियां

अयोध्या में दीपोत्सव के 10वें संस्करण के अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति विभाग ने साकेत महाविद्यालय से राम कथा पार्क तक भव्य शोभायात्रा निकाली। इसमें रामचरितमानस और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं पर आधारित 21 झांकियां शामिल की गईं। प्रशासन का लक्ष्य सरयू नदी के 56 घाटों पर 30 लाख दीये जलाकर नया रिकॉर्ड स्थापित करना है।
अयोध्या (उप्र), सात नवंबर वनवास के बाद भगवान राम के अयोध्या आगमन के प्रतीकात्मक उत्सव की शुरुआत के संकेत के रूप में उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की ओर से शनिवार को अयोध्या में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। अयोध्या के साकेत महाविद्यालय से शुरू हुई यह शोभायात्रा राम कथा पार्क में समाप्त होगी। इस शोभायात्रा में 21 झांकियां शामिल हैं, जिनमें रामचरितमानस के विभिन्न प्रसंगों के साथ-साथ केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को भी दर्शाया गया है।
दीपोत्सव के 10वें संस्करण के दौरान सरयू नदी के किनारे स्थित 56 घाटों पर 30 लाख दीये जलाए जाएंगे। इसका उद्देश्य एक नया रिकॉर्ड बनाना है। पीटीआई वीडियो से बातचीत में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने कहा, ‘‘रिकॉर्ड की बात करें तो हमारा लक्ष्य अपने ही बनाए मानकों को लगातार पार करना है।
हम पहले ही तीन बार गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज करा चुके हैं। आगे चलकर इनकी पहचान ‘अयोध्या रिकॉर्ड्स’ के रूप में होगी। मुख्यमंत्री के साथ इस बारे में चर्चा हुई थी कि चूंकि हम ये रिकॉर्ड पहले ही बना चुके हैं, इसलिए हमारा लक्ष्य इन्हें और आगे ले जाना है।’’ उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल मिट्टी के दीये जलाने तक सीमित नहीं है।
सबसे महत्वपूर्ण इसमें जनभागीदारी का स्तर है, जहां छात्र और आम नागरिक खुशी एवं उत्साह के साथ एकजुट होकर अपने-अपने दीये जला रहे हैं। अभिजात ने कहा, ‘‘यह इस साल के आयोजन का एक अहम पहलू है, जो इसका 10वां संस्करण है। आप देख सकते हैं कि सभी होटल पूरी तरह बुक हो चुके हैं।
इस अद्भुत नजारे को देखने के लिए मुंबई, गुजरात और बिहार समेत देशभर से लोग यहां पहुंचे हैं।’’ आयोजन के बारे में विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा, ‘‘आज की प्रस्तुति में त्रिआयामी (3डी) प्रभावों का इस्तेमाल किया गया है, जो दर्शकों को शानदार अनुभव देते हैं। ऐसा लगता है मानो दृश्य उनकी आंखों के सामने ही घटित हो रहे हों। इसमें 2,100 लेजर का इस्तेमाल किया गया है।
राम कथा पार्क में दिखाई जाने वाली कहानी में 1528 से लेकर वर्तमान समय तक अयोध्या के इतिहास और उसके विकास के सफर को दर्शाया गया है।’’
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