पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए रोपवे इस्तेमाल करने वाला देश का पहला शहर बनेगा बनारस

पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए रोपवे इस्तेमाल करने वाला देश का पहला शहर बनेगा बनारस

बनारस पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए रोपवे इस्तेमाल करने वाला देश का पहला शहर बनेगा।रोपवे के लिए हुई प्री बीड में ईसीएल मेनेजमेंट एसडीएनडीएचडी, डोपल्मेयर, एफ़आइएल, पोमा, एक्रान इंफ्रा, एजीस इंडिया, कनवेयर एंड रोप-वे सिस्टम जैसी कंपनियों ने हिस्सा लिया।

वाराणसी। वाराणसी देश का पहला ऐसा शहर होगा जहां पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए रोपवे का इस्तेमाल होगा। संभावित रोपवे प्रोजेक्ट का शिलान्यास पीएम मोदी, अपने 8 जनवरी से 12 के बीच होने वाले काशी दौरे पर कर सकते है। रोपवे का टेंडर देने के लिए पहले आवेदन 18 दिसंबर को खुलने वाले थे, पर किसी कारणवश तारीख स्थगित हो गई। प्रोजेक्ट को लेकर वाराणसी विकास प्राधिकरण और कमिश्नर दीपक अग्रवाल के बीच चर्चा चल है। 

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वीडीए के अनुसार रोपवे प्रोजेक्ट को तैयार होने में अनुमानित दो वर्षो का समय लगेगा, रोपवे संचालन से शहर को जाम और प्रदूषण से भी निजात मिलेगा। यह रोपवे प्रोजेक्ट कैंट रेलवे स्टेशन और दशाश्वमेध घाट के बीच संचालित किया जाएगा, 5 किलोमीटर लंबी रूट पर दौड़ने वाले इस रोपवे परियोजना के लिए सरकारी खजाने से करीब 410 करोड़ रुपए दिए जाएंगे, जिसका 20% केंद्र और 20% राज्य सरकार देगी, बचे हुए 60% टेंडर कंपनी में खाते आएगी। जानकारी के मुताबिक, कूल 220 ट्रॉली कार का निर्माण होगा, जिसमे प्रत्येक ट्रॉली में 20 लोगो के बैठने की व्यवस्था होगी।

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रोपवे के लिए हुई प्री बीड में ईसीएल मेनेजमेंट एसडीएनडीएचडी, डोपल्मेयर, एफ़आइएल, पोमा, एक्रान इंफ्रा, एजीस इंडिया, कनवेयर एंड रोप-वे सिस्टम जैसी कंपनियों ने हिस्सा लिया। बता दे की, रोपवे निर्माण करने वाली कंपनी ही इसका संचालन भी करेगी। इस रोपवे संचालन से वाराणसी के पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा, काशी की कला, सभ्यता और संस्कृति का भी प्रचार होगा। यह प्रोजेक्ट पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत की जाएगी।





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