तृणमूल कांग्रेस में अंसतोष के स्वर मुखर! भाजपा सांसद ने ममता को इस खतरे से चेताया

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 29, 2020   16:53
तृणमूल कांग्रेस में अंसतोष के स्वर मुखर! भाजपा सांसद ने ममता को इस खतरे से चेताया

भाजपा सांसद सौमित्र खान ने तृणमूल कांग्रेस में अंसतोष के स्वर मुखर होने के बीच रविवार को दावा किया कि राज्यपाल पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से विधानसभा में अपना बहुमत साबित करने के लिए जल्द ही कह सकते हैं।

कोलकाता। भाजपा सांसद सौमित्र खान ने तृणमूल कांग्रेस में अंसतोष के स्वर मुखर होने के बीच रविवार को दावा किया कि राज्यपाल पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से विधानसभा में अपना बहुमत साबित करने के लिए जल्द ही कह सकते हैं। इस बीच, तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि भगवा खेमे के नेताओं के मन में लोकतंत्र के लिये कोई सम्मान नहीं है। भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष खान ने जलपाईगुड़ी में एक कार्यक्रम के इतर कहा कि सत्तारूढ़ दल में मौजूदा उथल-पुथल और असंतोष के कारण यह प्रश्न सामने

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खान ने कहा, ‘‘विधायक जिस प्रकार असंतोष व्यक्त कर रहे हैं और तृणमूल छोड़ रहे हैं, उसे देखते हुए राज्यपाल मुख्यमंत्री से जल्द बहुमत साबित करने के लिए कह सकते हैं... इसकी संभावना है।’’ उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के मंत्रिमंडल के कई मंत्री भाजपा में शामिल होने के लिए तैयार हैं। तृणमूल के सांसद सौगत राय ने खान के बयान पर टिप्पणी की कि उनके जैसे भाजपा नेता संविधान और उसके प्रावधानों के बारे में कुछ नहीं जानते। राय ने कहा, ‘‘पहली बात तो यह है कि खान को यह कैसे पता कि राज्यपाल इस प्रकार का असंवैधानिक कदम उठाएंगे? चुनी गई सरकार के साथ इस तरीके से व्यवहार नहीं किया जा सकता... और विधायकों का बहुमत मुख्यमंत्री के साथ है। तृणमूल के पास सदन में 218 विधायकों का समर्थन है।’’

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शुभेंदु अधिकारी समेत तृणमूल के कई नेताओं ने पार्टी को लेकर हाल में असंतोष जताया है। पार्टी आलाकमान से नाराज चल रहे अधिकारी ने शुक्रवार को राज्य के परिवहन मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। भाजपा राज्य अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि तृणमूल में अधिकारी को निकालने का साहस ही नहीं है क्योंकि पार्टी को डर है कि ‘‘जल्द ही वह लुप्त हो सकती है।’’ घोष ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ पार्टी के नेता अपने घरों और कार्यालयों से कभी बाहर ही नहीं निकले और अब वे 2021 विधानसभा चुनाव से पहले जमीनी हकीकत का पता लगाने के लिए बाहर निकलने के लिए ‘‘मजबूर’’ हैं। पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिये चुनाव अगले वर्ष अप्रैल- मई में होने की संभावना है।





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