बिहार बंद के दौरान हिंसा के आरोप में 694 लोग हिरासत में, एसपी और बीडीओ समेत 91 पुलिसकर्मी घायल

बिहार पुलिस ने नीट पेपर लीक के विरोध में हुए बिहार बंद के दौरान जबरन बंद लागू कराने और हिंसा के आरोप में 694 लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, इस हिंसा में दो बीडीओ और एसपी समेत 91 पुलिसकर्मी और 13 नागरिक घायल हुए हैं। हिरासत में लिए गए लोगों में से 339 नाबालिगों को आयु सत्यापन के बाद छोड़ दिया गया है।
पटना, 27 जुलाई बिहार पुलिस ने सोमवार को कहा कि पिछले सप्ताह नीट परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के विरोध में बुलाए गए राज्यव्यापी बंद के दौरान उसे जबरन लागू कराने के आरोप में कुल 694 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें लगभग आधे नाबालिग हैं। पुलिस मुख्यालय के बयान के अनुसार, 25 जुलाई को वामपंथी छात्र संगठनों द्वारा बुलाए गए बिहार बंद के दौरान हुई हिंसा में 91 पुलिसकर्मी एवं कई अधिकारी तथा 13 आम नागरिक घायल हुए। बयान के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों में से 339 नाबालिगों और छात्रों को आयु सत्यापन के बाद छोड़ दिया गया, जबकि शेष 355 लोगों के खिलाफ हिंसक गतिविधियों में कथित संलिप्तता को लेकर अदालतों में मुकदमा चल रहा है।
बयान में बताया गया कि बंद समर्थकों ने 13 सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ की तथा एक अन्य सरकारी वाहन में आग लगा दी। हिंसा में घायल होने वालों में सिवान के पुलिस अधीक्षक (एसपी) तथा सिवान और सीतामढ़ी के एक-एक अनुमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) भी शामिल हैं। बयान के अनुसार, सारण जिले में दो प्रखंड विकास अधिकारी (बीडीओ) गंभीर रूप से घायल हो गए।
इनमें से एक की एक आंख चली गई, जबकि दूसरे के सिर में गंभीर चोट आई है। पुलिस मुख्यालय ने बताया कि दोनों बीडीओ का पटना के अलग-अलग अस्पतालों में उपचार चल रहा है और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
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