शिवसेना ने कहा- सेना में जाति-प्रांत का मुद्दा उठा रहे PM मोदी, BJP बोली- गंदी क्षेत्रीय भावना का न करे दुष्प्रचार

शिवसेना ने कहा- सेना में जाति-प्रांत का मुद्दा उठा रहे PM मोदी, BJP बोली- गंदी क्षेत्रीय भावना का न करे दुष्प्रचार

सामना में लिखा कि 'बिहार में चुनाव है इसलिए सेना में जात और प्रांत का महत्व बताया जा रहा है। बिहार बीजेपी के प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल ने कहा कि जब से कांग्रेस शिवसेना के साथ गई है तब से वैचारिक तौर पर दिवालिया हो गई है।

साल 2020 के आखिर में बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं। जिसके लिए एनडीए ने नीतीश कुमार को ही अगले सीएम के चेहरे के तौर पर चुना है। चुनाव हैं तो रैलियां भी होंगी, आरोप-प्रत्यारोप भी होगा और वाद-विवाद भी देखने को मिलेंगे। इसी बीच हुआ ये कि भारत और चीन के सैनिकों के बीच में लद्दाख की गलवान घाटी पर जो खूनी संघर्ष हुआ उसमें बिहार रेजमेंट के जवानों का पराक्रम और शौर्य सबके सामने उभर कर आया। जिसके लिए पीएम मोदी ने भी बिहार रेजिमेंट के जवानों की दिल खोलकर तारीफ की थी। लेकिन ये बात शिवसेना को नागवार गुजरी और उन्होंने पीएम के बयान को बिहार के चुनाव से जोड़ दिया। जिस पर पलटवार करते हुए बीजेपी ने भी सेना को लेकर गंदी क्षेत्रीय भावना का दुष्प्रचार न करने की नसीहत शिवसेना को दे दी।

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शिवसेना ने सामना में क्या लिखा?

शिवसेना ने पार्टी के मुखपत्र सामना के संपादकीय के जरिए मोदी सरकार पर निशाना साधा। जिसमें भाजपा नेता गोपीचंद पाडलकर के राकांपा प्रमुख शरद पवार के लिए कहे अपशब्दों को आधार बनाते हुए पीएम मोदी पर निशाना साधा है। सामना में लिखा कि 'बिहार में चुनाव है इसलिए सेना में जात और प्रांत का महत्व बताया जा रहा है। कल प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘बिहार रेजिमेंट’ ने लद्दाख की गलवान घाटी में बहादुरी दिखाई। तो महारों, मराठों, राजपूतों, सिखों, गोरखाओं, डोगरा रेजिमेंट सीमा पर तंबाकू मलते बैठे थे क्या?"

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शिवसेना ने लिखा कि महाराष्ट्र के वीरपुत्र सुनील काले पुलवामा में शहीद हो गए। लेकिन बिहार में चुनाव होने के कारण ही सेना में ‘जाति’ और ‘प्रांत’ का महत्व बताया जा रहा है। इस तरह की राजनीति कोरोना से भी बदतर है! महाराष्ट्र में विपक्ष इस खुजली को खुजलाने का काम कर रहा है। इसलिए भाजपा पर गांव-गांव में जूते खाने की नौबत आ गई है। पता नहीं ये कब सुधरेंगे?"

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बीजेपी ने लगाई क्लास

बिहार बीजेपी के प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल ने कहा कि जब से कांग्रेस शिवसेना के साथ गई है तब से वैचारिक तौर पर दिवालिया हो गई है। शिवसेना पहले राष्ट्रवाद की बात करती थी। हिन्दुत्व की बात करती थी। राष्ट्रीय भावनाओं को जगाने की बात करती थी। लेकिन अब कांग्रेस के साथ जाने के बाद उनके सुर में सुर मिलाने का काम कर रही है। कांग्रेस का काम ऐन-केन प्रकारेण सत्ता प्राप्ति का रहा है। शिवसेना भी अब उसी राह पर चल पड़ी है।  वहीं बिहार बीजेपी नेता डॉ निखिल आनंद ने कहा कि कहा कि शिवसेना न सिर्फ बिहार रेजीमेंट और बिहारियों बल्कि सभी सेनाओं, भारत के वीर जवानों और शहीद सैनिकों एवं उनके परिवारजनों को भी अपनी सतही राजनीति के लिए अपमानित करने पर उतर आई है। शिवसेना कांग्रेस की गोद में बैठकर बीजेपी को राष्ट्रीय भावना और राष्ट्रवाद पर नसीहत नहीं दे सकती है। 

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गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'ग़रीब कल्याण रोज़गार अभियान' योजना की शुरुआत के दौरान लद्दाख में मारे गए भारतीय सैनिकों पर कहा, ''यह पराक्रम बिहार रेजिमेंट का है. हर बिहारी को इस पर गर्व होता है। बिहार के जिन साथियों ने बलिदान दिया है, उन पर हमें गर्व है।





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