'कांग्रेस ने किया झूठा प्रचार', पेगासस मामले पर भाजपा ने पूछा- क्या राहुल गांधी जनता से मांगेंगे माफी?

Ravi Shankar Prasad
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अंकित सिंह । Aug 25, 2022 2:26PM
भाजपा नेता ने साफ तौर पर कहा कि यह एक प्रेरित अभियान था और सच्चाई से बहुत दूर था। यह नरेंद्र मोदी जी को कमजोर करने और बदनाम करने का प्रयास था। राहुल गांधी और उनकी पार्टी की समस्या यह है कि उन्हें हमारे पीएम और उनकी सरकार से दुश्मनी है। यही कारण है कि वे अपनी पार्टी का विस्तार करने के लिए झूठ का सहारा लेते हैं।

पेगासस जासूसी मामले को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इसमें सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि 29 में से 5 फोन में मालवेयर मिले हैं, लेकिन जासूसी के सुबूत नहीं है। अब भाजपा इसके बाद कांग्रेस पर हमलावर हो गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर जबरदस्त तरीके से पलटवार किया है। भाजपा नेता ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस ने झूठा प्रचार किया है। उन्होंने कहा कि झूठ की खेती ज्यादा दिनों तक नहीं चल सकती। कांग्रेस ने इस मामले को लेकर संसद नहीं चलने दिया था। राहुल गांधी ने इसको लेकर झूठ बोला था। इसके साथ ही रविशंकर प्रसाद ने सवाल किया कि क्या अब राहुल गांधी माफी मांगेंगे?

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रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हाई-प्रोफाइल तकनीकी समिति, जिसमें प्रख्यात प्रौद्योगिकी के लोग शामिल थे, ने परीक्षण किया और 29 मोबाइलों में से किसी में भी पेगासस वायरस नहीं पाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने कहा था: पेगासस लोकतंत्र को कुचलने का एक प्रयास है। यह देश और देश की संस्थाओं पर हमला है। भाजपा नेता ने साफ तौर पर कहा कि यह एक प्रेरित अभियान था और सच्चाई से बहुत दूर था। यह नरेंद्र मोदी जी को कमजोर करने और बदनाम करने का प्रयास था। राहुल गांधी और उनकी पार्टी की समस्या यह है कि उन्हें हमारे पीएम और उनकी सरकार से दुश्मनी है। यही कारण है कि वे अपनी पार्टी का विस्तार करने के लिए झूठ का सहारा लेते हैं।

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आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में आज पेगासस मामले को लेकर सुनवाई हुई। इस मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित पैनल ने अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। इसे तीन हिस्सों में शीर्ष अदालत को सौंपा गया था। एक हिस्से में नागरिकों की निजता के अधिकार की रक्षा के लिए कानून बनाने का सुझाव दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर नियुक्त जांच समिति ने उन 29 फोन में से पांच में एक तरह का ‘मालवेयर’ पाया जिनकी जांच प्रौद्योगिकी समिति ने की थी। सुप्रीम कोर्ट ने समिति की रिपोर्ट को नोट करते हुए कहा कि रिपोर्ट के अनुसार तकनीकी समिति द्वारा जांचे गए 29 मोबाइल फोन में पेगासस के उपयोग के बारे में कोई निर्णायक सबूत सामने नहीं आया है। इनमें से पांच फोन कुछ मैलवेयर से प्रभावित पाए गए, सुनिश्चित नहीं हैं कि यह पेगासस था। 

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