नागपुर में Rahul Gandhi पर BJP का हमला, कांग्रेस ने बताया जनता की आवाज

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नागपुर में भाजपा नेताओं ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर देश में अराजकता फैलाने का आरोप लगाते हुए उनके पूर्वजों का प्रतीकात्मक पिंडदान किया। इसके जवाब में कांग्रेस ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष आम नागरिकों के अधिकारों के तहत केंद्र सरकार से सवाल पूछ रहे हैं।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नागपुर इकाई ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं सांसद राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह ‘‘मानसिक विकार’’ से पीड़ित हैं और देश में ‘‘अराजकता’’ फैला रहे हैं। इस पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष आम लोगों की आवाज बन गए हैं। भाजपा की नगर इकाई के अध्यक्ष दयाशंकर तिवारी के नेतृत्व में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के सदस्यों ने शुक्रवार को नागपुर शहर के वैरायटी चौक पर पूर्व प्रधानमंत्रियों जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी का प्रतीकात्मक ‘पिंडदान’ और ‘तर्पण’ किया।

पिंडदान और तर्पण हिंदू धर्म में दिवंगत पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए किए जाने वाले धार्मिक अनुष्ठान हैं। इसके बाद तिवारी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘सनातन धर्म में कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति मानसिक विकार से पीड़ित है तो इसके कई कारणों में से एक ‘पितृ दोष’ भी हो सकता है। राहुल गांधी देश और विदेश में जिस तरह व्यवहार कर रहे हैं, उससे लगता है कि वह मानसिक विकार से पीड़ित हैं और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल हैं।’’ उन्होंने कहा कि इसी वजह से भाजयुमो ने जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की तस्वीरें रखकर ‘पितृ शांति’ के लिए अनुष्ठान किया।

तिवारी ने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि ‘पितृ दोष’ दूर होने से राहुल गांधी को सद्बुद्धि मिलेगी और हमें उम्मीद है कि वह देश के लिए अधिक सकारात्मक भूमिका निभाएंगे।’’ भाजयुमो की नगर इकाई के अध्यक्ष सचिन करारे ने कहा कि राहुल गांधी को यह समझना चाहिए कि उनके परिवार की तीन पीढ़ियों के सदस्य प्रधानमंत्री रह चुके हैं, लेकिन वह बड़ों का सम्मान करना नहीं जानते। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री (नरेन्द्र मोदी) उनसे उम्र में बड़े हैं और गांधी को देखना चाहिए कि प्रधानमंत्री ने देश के लिए क्या किया है लेकिन गांधी अराजकता फैला रहे हैं और उनका दिमाग खाली हो गया है। इसी कारण भाजयुमो ने उनके पूर्वजों का ‘श्राद्ध’ किया और उनकी सद्बुद्धि के लिए प्रार्थना की।’’ इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस की नागपुर नगर इकाई के अध्यक्ष प्रफुल्ल गुडधे ने शनिवार को कहा कि संविधान ने आम आदमी को सवाल पूछने का अधिकार दिया है और राहुल गांधी उसी अधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘विपक्ष के नेता का काम क्या है? संसद के भीतर और बाहर आम लोगों की आवाज उठाना और सवाल पूछना लेकिन जब भी वह (गांधी) सवाल पूछते हैं, भाजपा डर जाती है।’’ गुडधे ने आरोप लगाया कि भाजपा नहीं चाहती कि उससे सवाल पूछे जाएं और वह चाहती है कि लोग उसकी पुरानी एवं ‘‘मनुवादी’’ सोच को स्वीकार कर लें। उन्होंने कहा, ‘‘वे धर्म की ताकत चाहते हैं लेकिन संविधान ने धर्म के शासन को खारिज करके जनता का शासन स्थापित किया है।

अब जब वे सत्ता में हैं तो उनकी पूरी सोच से जाहिर होता है कि वे पुरानी व्यवस्था को फिर से स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं... यह उनकी गंदी सोच है और उनकी मनुवादी मानसिकता का हिस्सा है। हम उन्हें ज्यादा महत्व नहीं देते।’’ कांग्रेस नेता एवं पार्टी की प्रदेश इकाई के पूर्व अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, राजीव गांधी और इंदिरा गांधी ने देश के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन इस तरह के अनुष्ठान करके भाजपा अपने पापों को उजागर कर रही है।’’ कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के आंदोलन और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ केंद्र सरकार की कार्रवाई के बारे में पटोले ने कहा, ‘‘मोदी सरकार डरी हुई है।

पिछले पांच दिन उसने राहुल गांधी के आंदोलन को कुचलने की कोशिश की। इसके लिए हजारों सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया।’’ उन्होंने कहा कि दिल्ली में मेट्रो, रेल और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि अब मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और भाजपा के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू होंगे।

पटोले ने कहा, ‘‘यह स्पष्ट है कि सरकार ‘वोट चोरी’ के जरिए बनी है। इस सरकार को अंग्रेजों से भी ज्यादा क्रूर कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी।

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