• झारखंड के मुख्यमंत्री के भोजपुरी, मगही को लेकर की गई टिप्पणी पर भाजपा ने आपत्ति जतायी

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कथित तौर पर कहा था कि भोजपुरी और मगही भाषाओं ने आदिवासी राज्य में राजनीतिक उथल-पुथल मचा दी है।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के भोजपुरी और मगही भाषाओं को लेकर टिप्पणी पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बिहार इकाई ने आपत्ति जतायी है।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय जायसवाल ने सोरेन के बयान को बेहद आपत्तिजनक करार देते हुए मंगलवार को आरोप लगाया, ‘‘यह समाज को बांटने की कोशिश है। आज जब पूरा देश हिंदी दिवस मना रहा है, झारखंड के मुख्यमंत्री भोजपुरी और मगही के बारे में इस तरह के बयान देकर गंदी राजनीति कर रहे हैं।’’

सोरेन ने कथित तौर पर कहा था कि भोजपुरी और मगही भाषाओं ने आदिवासी राज्य में राजनीतिक उथल-पुथल मचा दी है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘सोरेन के इस बयान ने उनकी मानसिकता को उजागर किया है।’’

एक मीडिया संगठन को दिए साक्षात्कार में सोरेन ने कथित तौर पर कहा, ‘‘आदिवासी समाज ने झारखंड के एक अलग राज्य के लिए जो लड़ाई लड़ी, वह अपनी क्षेत्रीय और आदिवासी भाषाओं के कारण लड़ी, न कि भोजपुरी और हिंदी के कारण। वे किसी भी हाल में झारखंड के ‘बिहारीकरण’ की अनुमति नहीं देंगे। जो मगही या भोजपुरी बोलते हैं, वे प्रभुत्वशाली व्यक्ति हैं।’’

बिहार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन मनाने के लिए प्रदेश भाजपा की योजना के बारे में बताते हुए जायसवाल ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री के दो दशकों की सार्वजनिक सेवा को चिह्नित करने के लिए, पार्टी की राज्य इकाई 20 दिवसीय सेवा और समर्पण अभियान का आयोजन करेगी जिसमें 17 सितंबर को उनके जन्मदिन पर शुरू होने वाली विभिन्न कल्याणकारी गतिविधियां शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि 2014 में मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से भाजपा उनके जन्मदिन को सेवा दिवस के रूप में मना रही है और एक सप्ताह के लिए देश भर में कल्याणकारी गतिविधियों का आयोजन करती है, लेकिन इस बार इसे बढ़ाकर 20 दिन कर दिया गया है क्योंकि मोदी अपने चुनावी राजनीति के दो दशक पूरे कर रहे हैं।