संतों के अपमान के लिए माफी मांगे भाजपा सरकार: Ashok Gehlot

सत्ता के अहंकार में प्रशासन द्वारा माफी मांगने के बजाय संत को ही नोटिस थमाना ‘विनाशकाले विपरीत बुद्धि’ का प्रमाण है।” गहलोत ने कहा कि भाजपा सरकार को संतों के इस अपमान के लिए तत्काल माफी मांगनी चाहिए।
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से पुलिस के कथित दुर्व्यवहार की निंदा करते हुए मंगलवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार को संतों के इस अपमान के लिए माफी मांगनी चाहिए।
गहलोत ने कहा, “प्रयागराज जैसी पावन धरा पर, माघ मेले के दौरान पूज्य शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी के साथ पुलिस के दुर्व्यवहार और उनका अन्न-जल त्यागकर धरने पर बैठना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण व निंदनीय है।”
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने ‘एक्स’ पर लिखा, “धर्म के नाम पर राजनीति करने वाली भाजपा सरकार के राज में अगर सर्वोच्च संतों का यह हाल है, तो यह घोर पाप है। सत्ता के अहंकार में प्रशासन द्वारा माफी मांगने के बजाय संत को ही नोटिस थमाना ‘विनाशकाले विपरीत बुद्धि’ का प्रमाण है।” गहलोत ने कहा कि भाजपा सरकार को संतों के इस अपमान के लिए तत्काल माफी मांगनी चाहिए।
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