संकट में बिप्लब देब सरकार? राजनीतिक उठापटक के बीच त्रिपुरा जाएंगे भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा

संकट में बिप्लब देब सरकार? राजनीतिक उठापटक के बीच त्रिपुरा जाएंगे भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा

त्रिपुरा में भाजपा के कई नेता आलाकमान से लगातार संगठन और नेतृत्व को लेकर शिकायत कर रहे हैं। दूसरी ओर आईपीएफटी की ओर से भी गठबंधन से बाहर होने की धमकी दी जा रही है। त्रिपुरा में भाजपा और आईपीएफटी गठबंधन में है।

पश्चिम बंगाल में चुनावी हार के बाद भाजपा के लिए सब कुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है। त्रिपुरा में काफी वक्त से उत्तल पुथल चल रहा है। त्रिपुरा में भाजपा के कई विधायकों ने मुख्यमंत्री बिप्लब देब के खिलाफ ही मोर्चा खोल रखा है। त्रिपुरा में भाजपा के कई नेता आलाकमान से लगातार संगठन और नेतृत्व को लेकर शिकायत कर रहे हैं। दूसरी ओर आईपीएफटी की ओर से भी गठबंधन से बाहर होने की धमकी दी जा रही है। त्रिपुरा में भाजपा और आईपीएफटी गठबंधन में है।

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आईपीएफटी के नेताओं ने दिल्ली में आकर नड्डा से मुलाकात की थी। 25 साल के लेफ्ट शासन को खत्म करने के बाद बीजेपी ने आईपीएफटी के साथ सरकार बनाई थी। इन्हीं सबके बीच भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा त्रिपुरा की यात्रा पर जाएंगे। माना जा रहा है कि वहां से आ रही शिकायतों के बीच उनकी यात्रा बेहद अहम रहने वाली है। आईपीएफटी ने तो जेपी नड्डा से यहां तक बताया है कि कई वजह से राज्य के लोग भाजपा की सरकार से खुश नहीं है। माना जा रहा है कि भाजपा अध्यक्ष का यह दौरा गतिरोध को खत्म करने में काफी मददगार साबित हो सकता है। वहां गतिरोध को खत्म करना बेहद जरूरी है ताकि सरकार का कामकाज सही दिशा में चल सके।

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इससे पहले भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष ने भी त्रिपुरा का दौरा किया था और वहां मौजूदा हालात पर मंत्रियों, सांसदों और विधायकों से बातचीत भी की थी। जेपी नड्डा के इस दौरे के दौरान कैबिनेट विस्तार को लेकर भी चर्चा हो सकती है। कैबिनेट के खाली 4 पदों में से आईपीएफटी एक पद पर दावा कर रहा है। सदन में आईपीएफटी के 8 विधायक हैं। कैबिनेट में वर्तमान में आईपीएफटी के दो मंत्री मौजूद हैं। 





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