Student Protest पर Congress की विरोधाभासी नीति, Jharkhand में लाठीचार्ज पर BJP ने मांगा जवाब

झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं के विरुद्ध प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। भाजपा ने कांग्रेस पर छात्र आंदोलनों के प्रति दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया है। झारखंड छात्र आंदोलन, जेपीएससी परीक्षा विवाद और भाजपा बनाम कांग्रेस के इस संघर्ष में विपक्षी राजनीति के अंतर्विरोध स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आए हैं।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बिहार इकाई ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर पड़ोसी राज्य में प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की निंदा की। भाजपा ने कांग्रेस पर छात्र आंदोलनों को लेकर ‘‘दोहरा मापदंड’’ अपनाने का आरोप लगाया। झारखंड में कांग्रेस सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा है।
भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में पार्टी के वरिष्ठ नेता और बिहार के नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने झारखंड में प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में छात्रों को अपनी शिकायतें शांतिपूर्ण तरीके से रखने का अधिकार है। मिश्रा ने कहा, ‘‘कांग्रेस और विपक्ष के अन्य नेता जब दिल्ली में विद्यार्थियों के सड़कों पर उतरने पर उनका पुरजोर समर्थन कर रहे थे, तो झारखंड में प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों को वैसा ही समर्थन क्यों नहीं दे रहे हैं?
क्या झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्र देश के छात्र नहीं हैं?’’ उन्होंने कहा कि राजनीतिक सुविधा के अनुसार अपना रुख बदलना विपक्ष की विरोधाभासी नीति को उजागर करता है। मिश्रा ने संसद में विपक्ष द्वारा किए जा रहे व्यवधान को लेकर भी आलोचना की और दावा किया कि विपक्ष ने करीब 15 दिनों तक सदन की कार्यवाही बाधित करने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा, ‘‘संसद बहस, विचार-विमर्श और समाधान तलाशने का मंच है। सरकार सभी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार है लेकिन विपक्ष में सरकार के जवाब को सुनने की क्षमता और धैर्य भी होना चाहिए।
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