Jharkhand में छात्रों पर लाठीचार्ज की BJP ने की निंदा, Rahul Gandhi की चुप्पी पर उठाए सवाल

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रांची में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल की भारतीय जनता पार्टी ने कड़े शब्दों में भर्त्सना की है। केंद्रीय मंत्री संजय सेठ और सांसद तेजस्वी सूर्या ने राज्य सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी के दोहरे रवैये को आड़े हाथों लिया। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने भी विधानसभा घेराव के दौरान हुए इस घटनाक्रम पर विपक्षी नेताओं की खामोशी पर सवाल खड़े किए।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ रांची में प्रदर्शन कर रहे नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों पर पुलिस द्वारा पानी की बौछार, आंसू गैस के गोले छोड़ने और लाठीचार्ज किए जाने की निंदा की। भाजपा ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नीत राज्य सरकार पर छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग करने का आरोप लगाया और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की चुप्पी पर सवाल उठाया। झारखंड विधानसभा की ओर मार्च कर रहे हजारों प्रदर्शनकारियों द्वारा बैरिकेड तोड़े जाने और विधानसभा परिसर के करीब पहुंचने पर पुलिस ने यह कार्रवाई की।

पुलिस ने सोमवार को ‘‘विधानसभा घेराव’’ प्रदर्शन के दौरान हजारों प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े, पानी की बौछार की और लाठीचार्ज किया। प्रदर्शनकारियों ने कई बेरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारी झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।

कई प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि जगन्नाथपुर मंदिर के पास अंतिम बेरिकेड के करीब पुलिस कार्रवाई में वे घायल हो गए। विधानसभा की कार्यवाही दोपहर में दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने पुलिस की कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण तरीके से मार्च कर रहे थे और ऐसे में लाठीचार्ज का कोई औचित्य नहीं था।

सेठ ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘लाठीचार्ज पूरी तरह अनुचित था। प्रदर्शनकारियों की ओर से कोई उकसावे वाली हरकत या अनुशासनहीनता नहीं की गई थी। हजारों लोग शांतिपूर्ण तरीके से मार्च कर रहे थे और उनके हाथों में राष्ट्रीय ध्वज था।

वे ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के नारे लगा रहे थे।’’ उन्होंने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कंटीले तार और पानी की बौछार के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाया। सेठ ने कहा, ‘‘जब छात्र राष्ट्रीय ध्वज लेकर ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के नारे लगा रहे थे, तो पानी की बौछार क्यों की गई? लाठीचार्ज क्यों किया गया?

क्या वे किसी के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगा रहे थे? क्या वे असभ्य तरीके से व्यवहार कर रहे थे? क्या उन्होंने अनुशासन तोड़ा था?

क्या वे पुलिस के खिलाफ नारे लगा रहे थे? क्या उन्होंने पुलिस पर पथराव किया था? नहीं।’’ भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने भी पुलिस की कार्रवाई की निंदा की और कांग्रेस नीत गठबंधन समर्थित राज्य सरकार पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग करने का आरोप लगाया।

सूर्या ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज की कड़ी निंदा करता हूं। झारखंड के युवा पिछले कई वर्षों से जेपीएससी परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं और पिछले दो सप्ताह से जारी भूख हड़ताल आज अपने चरम पर पहुंच गई।’’ उन्होंने झारखंड में पुलिस की कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी की प्रतिक्रिया पर भी सवाल उठाया। सूर्या ने कहा, ‘‘मैं राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं कि क्या न्याय की आपकी मांग एकतरफा है?

क्या झारखंड के छात्र न्याय के हकदार नहीं हैं? क्या उनकी मांगों पर न्याय नहीं होना चाहिए? राहुल गांधी को यह दोहरा मापदंड और पाखंड बंद करना चाहिए।’’ भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कहा कि दिल्ली में छात्रों के आंदोलन को ‘‘राजनीतिक रंग’’ देने की कोशिश करने वाले लोग अब झारखंड में हो रहे प्रदर्शन पर चुप हैं।

राज्यसभा सदस्य चुघ ने कहा, ‘‘अब राहुल गांधी के पास भी उनकी बात सुनने का समय नहीं है, क्योंकि झारखंड में आपकी सरकार है। यह दोहरा मापदंड है। दिल्ली में बेचैनी थी, लेकिन यहां कहने के लिए एक शब्द भी नहीं है।

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