बंगाल में 200 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज करेगी भाजपा, असम में बढ़ेगी सीटों की संख्या: अमित शाह

Amit Shah
पश्चिम बंगाल चुनावों में भाजपा की बड़ी जीत के विश्वास का आधार पूछने पर शाह ने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनावों के बाद पार्टी ने अपनी स्थिति लगातार मजबूत की है जबकि तृणमूल कांग्रेस का जनाधार खिसका है और बड़ी संख्या में उसके नेता संगठन से अलग हुए हैं। उनमें से अधिकतर भाजपा में आ गए हैं।
उदलगुड़ी (असम)। गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि असम विधानसभा चुनावों में भाजपा की जीत का एक कारण कांग्रेस का एआईयूडीएफ के साथ गठबंधन करना भी होगा, क्योंकि मुख्य विपक्षी दल बदरूद्दीन अजमल से हाथ मिलाकर अवैध प्रवासियों की घुसपैठ को नहीं रोक पाएगा और इस कारण मतदाता भगवा दल को वोट करेंगे। एक साक्षात्कार में भाजपा के वरिष्ठ नेता ने पश्चिम बंगाल में अपनी पार्टी की शानदार जीत का अनुमान जताया और कहा कि वहां लोग तृणमूल कांग्रेस के ‘‘कुशासन’’ के कारण बदलाव चाहते हैं और वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राज्य के विकास के विजन को गले लगाएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘बंगाल में हम 200 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज करेंगे और असम में हमारी सीटों की संख्या बढ़ेगी।’’ पश्चिम बंगाल चुनावों में भाजपा की बड़ी जीत के विश्वास का आधार पूछने पर शाह ने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनावों के बाद पार्टी ने अपनी स्थिति लगातार मजबूत की है जबकि तृणमूल कांग्रेस का जनाधार खिसका है और बड़ी संख्या में उसके नेता संगठन से अलग हुए हैं। उनमें से अधिकतर भाजपा में आ गए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘2019 में हमने 42 लोकसभा सीटों में से 18 पर जीत दर्ज की और तीन सीट पर काफी कम अंतर से हारे। वह भी तब जब लोगों को हमारी जीत के बारे में संदेह था। अब उन्हें विश्वास है कि हम जीत सकते हैं। लोग बदलाव चाहते हैं और हम उनके साथ हैं।’’ उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी भले ही मोदी को नहीं देखना चाहती हों और यह उनकी पसंद है लेकिन पश्चिम बंगाल के लोगों ने उनके प्रति अपना प्यार दिखाया है और काफी संख्या में उनकी रैलियों में शामिल हुए हैं। भाजपा पर धार्मिक ध्रुवीकरण के बनर्जी के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर शाह ने कहा कि अगर लोगों के मुद्दे उठाना धार्मिक ध्रुवीकरण है तो उन्होंने यह ‘‘नयी परिभाषा’’ सुनी है। उन्होंने कहा, ‘‘हम सकारात्मक बयान दे रहे हैं कि हर किसी को अपना त्योहार मनाना चाहिए। अगर कोई रमजान या क्रिसमस मनाता है तो हमें कोई ऐतराज नहीं है। लेकिन आप दुर्गापूजा और सरस्वती पूजा पर पाबंदियां नहीं लगा सकते हैं।’’ पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा कुछ उम्मीदवारों को लेकर नाराजगी जताने के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि भाजपा उन्हें मनाएगी और कहा कि चुनाव पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा अनुशासित और कार्यकर्ताओं की पार्टी है और लोग पार्टी के साथ हैं। 

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असम चुनाव के बारे में शाह ने कहा कि एआईयूडीएफ अध्यक्ष अजमल के साथ गठबंधन के कारण कांग्रेस की पराजय होगी। कांग्रेस ने ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के साथ गठबंधन किया है जिसके समर्थक मुख्य रूप से बंगाली बोलने वाले मुस्लिम हैं और भाजपा उस पर घुसपैठियों की रक्षा करने के आरोप लगाती है ताकि वह भाजपा विरोधी वोट को मजबूत कर सके। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल और असम में उन्हें कुछ हासिल नहीं होगा और आश्चर्य जताया कि वह किस तरह की ‘‘धर्मनिरपेक्ष’’ पार्टी है जिसने केरल में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के साथ, असम में अजमल के साथ और पश्चिम बंगाल में फुरफुरा शरीफ के पीरजादा अब्बास सिद्दिकी की पार्टी के साथ गठबंधन किया है। असम में विवादास्पद नागरिकता संशोधन कानून को लागू नहीं करने के राहुल गांधी के बयान के बारे में पूछे जाने पर शाह ने कहा कि उन्हें यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि वह राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) को लागू करेंगे या नहीं। उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गांधी को बताना चाहिए कि एनआरसी पर उनकी क्या नीति है।

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