Parliament: संसद के दोनों सदन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, आज भी जारी रहा विपक्ष का हंगामा

venkaiah Naidu
अंकित सिंह । Apr 07, 2022 1:38PM
विपक्ष महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर लगातार सरकार के खिलाफ हो हल्ला कर रहा था। राज्यसभा में तो आलम यह तक हो गई कि सभापति एम वेंकैया नायडू अपना पारंपरिक संबोधन तक नहीं दे सके। लोकसभा की भी कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।

संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण खत्म हो चुका है। आज संसद के दोनों सदनों यानी कि राज्यसभा और लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। हालांकि, विपक्ष आज भी हंगामा करता रहा। विपक्ष महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर लगातार सरकार के खिलाफ हो हल्ला कर रहा था। राज्यसभा में तो आलम यह तक हो गई कि सभापति एम वेंकैया नायडू अपना पारंपरिक संबोधन तक नहीं दे सके। लोकसभा की भी कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। इस सत्र में 27 बैठकें हुईं और सदन की कार्य उत्पादकता 129 प्रतिशत रही। बजट सत्र की बैठक निर्धारित कार्यक्रम से एक दिन पहले अनिश्चितकाल के लिये स्थगित कर दी गयी। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बैठक 8 अप्रैल तक चलनी थी। 

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लोकसभा की कार्यवाही

सुबह निचले सदन की कार्यवाही शुरू होने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि सत्र के दौरान सदन की बैठकें लगभग 177 घंटे 50 मिनट तक चलीं। इस दौरान 182 तारांकित प्रश्नों के उत्तर दिये गए।’’ उन्होंने बताया कि बजट सत्र के लिए लोकसभा की कार्यवाही 31 जनवरी को शुरू हुई जब राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को केंद्रीय कक्ष में संबोधित किया। बिरला ने बताया कि 2, 3,4 और 7 फरवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा हुई और सात फरवरी को धन्यवाद प्रस्ताव को ध्वनिमत से मंजूरी दी गई। इस पर 15 घंटे 13 मिनट चर्चा हुई। बिरला ने कहा कि 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2022-23 का केंद्रीय बजट पेश किया। इस पर 7,8,9 और 10 फरवरी को चर्चा हुई। निचले सदन ने बजट पर 15 घंटे 35 मिनट तक चर्चा की। सदन में रेल मंत्रालय, सड़क एवं परिवहन मंत्रालय, नागर विमानन मंत्रालय, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय तथा पोत परिवहन मंत्रालय के नियंत्रणाधीन अनुदान की मांगों पर चर्चा हुई और उन्हें पारित किया गया। 24 मार्च को शेष मंत्रालयों की अन्य सभी अनुदान की मांगों को एक साथ सभा में मतदान के लिये रखा गया और सभी को एक साथ पारित किया गया। अध्यक्ष ने बताया कि सत्र के दौरान 12 विधेयक पुन:स्थापित किये गए और 13 विधेयक पारित हुए। सत्र के दौरान सदन में जम्मू कश्मीर संघ राज्य क्षेत्र के लिये अनुदान की मांगों (2022- 23) और अनुदान की अनुपूरक मांगों (2021-22) को भी पारित किया गया। सत्र के दौरान पारित किये गए कुछ महत्वपूर्ण विधेयकों में वित्त विधेयक 2022, दिल्ली नगर निगम संशोधन विधेयक 2022,सामूहिक संहार के आयुध और उनकी परिदान प्रणाली (विधि विरूद्ध क्रियाकलापों का प्रतिषेध) संशोधन विधेयक, 2022 तथा दंड प्रक्रिया (शिनाख्त) विधेयक, 2022 शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सदन में प्रश्नकाल में प्रतिदिन औसत आठ प्रश्नों के उत्तर दिये गये। संसद का बजट सत्र 31 जनवरी को शुरू हुआ था और इसका प्रथम चरण 11 फरवरी तक चला। प्रथम चरण में केंद्रीय बजट पेश किया गया था। बजट सत्र का दूसरा चरण 14 मार्च से शरू हुआ था।

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राज्यसभा की कार्यवाही

कांग्रेस और शिव सेना सहित कुछ अन्य विपक्षी दलों के भारी हंगामे के बीच, राज्यसभा की बैठक निर्धारित तिथि से एक दिन पहले ही बृहस्पतिवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखे जाने के बाद सभापति नायडू ने सभी सदस्यों को अवगत कराया कि आज बजट सत्र का आखिरी दिन है और वह कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस वजह से वह कोई भी नोटिस स्वीकार नहीं कर रहे हैं। इसी दौरान, शिव सेना के सदस्यों ने विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत को बचाने के लिए एकत्रित की गई निधि में कथित अनियमितता को लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेता किरीट सोमैया और उनके बेटे नील के खिलाफ मुंबई पुलिस की ओर से दर्ज किए गए धोखाधड़ी का मामला उठाना चाहा। कांग्रेस के सदस्यों ने भी इस मुद्दे पर शिव सेना का साथ दिया। सभापति ने हालांकि सदस्यों को इस मामले को उठाने की अनुमति नहीं दी। लिहाजा, विपक्षी सदस्यों ने हंगामा आरंभ कर दिया। सभापति ने हंगामा कर रहे सदस्यों से कहा कि वह इस मामले को जहां चाहे उठा सकते हैं लेकिन सदन में नहीं क्योंकि उन्होंने अनुमति नहीं दी है।

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