BSF को सांबा में मिली सुरंग, पाकिस्तान में बने बोरियों से छुपाया गया था

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अगस्त 29, 2020   18:51
BSF को सांबा में मिली सुरंग, पाकिस्तान में बने बोरियों से छुपाया गया था

जम्मू के सांबा सेक्टर के गलार इलाके में बृहस्पतिवार को बीएसएफ जवानों को गश्त के दौरान भारतीय क्षेत्र में सीमा पर बाड़बंदी के पास इस सुरंग का पता चला।

 नयी दिल्ली। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ)ने जम्मू में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बाड़बंदी के पास एक सुरंग का पता लगाया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बल ने पूरे इलाके में बड़ा अभियान चलाया है ताकि पता लगाया जा सके कि कहीं और भी ऐसी सुरंगें तो नहीं हैं। इसके साथ ही, इस तीन से चार फुट चौड़ी सुरंग को लेकर विश्लेषण किया जा रहा है जिसका इस्तेमाल संभवत: आतंकवादियों की घुसपैठ और मादक पदार्थों तथा हथियारों की तस्करी के लिए किया गया हो। अधिकारियों ने बताया कि बीएसएफ महानिदेशक राकेश अस्थाना ने सीमा पर तैनात कमांडरों को निर्देश दिया है कि वे सुनिश्चित करें कि सीमा पर घुसपैठ रोधी प्रणाली प्रभावी रहे और इस सीमा पर कोई खामी नहीं रहे। जम्मू के सांबा सेक्टर के गलार इलाके में बृहस्पतिवार को बीएसएफ जवानों को गश्त के दौरान भारतीय क्षेत्र में सीमा पर बाड़बंदी के पास इस सुरंग का पता चला। अधिकारियों ने बताया कि बाद में बल ने सुरंग का निरीक्षण किया और इसके मुहाने पर आठ-दस रेत की बोरियां मिलीं, जो पाकिस्तान में बनी हैं। वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हाल में हुई बारिश के बाद कुछ स्थानों पर जमीन धंसने से बीएसएफ को आशंका हुई। अधिकारी ने बताया कि सुरंग का पता लगाने के लिए तत्काल मशीन मंगाई गई, जो अंतरराष्ट्रीय सीमा से करीब 170 मीटर की दूरी पर भारतीय इलाके में स्थित है। अधिकारियों ने बताया कि मौके पर निरीक्षण करने पर पता चला कि यह सुरंग निर्माणाधीन थी। सूत्रों के मुताबिक सुरंग करीब 25 फुट की गहराई में बनाई गई थी और यह बीएसएफ की ‘व्हेलबैक’ सीमा चौकी के नजदीक खुलती है। उन्होंने बताया कि बीएसएफ महानिरीक्षक (जम्मू)एनएस जामवाल ने भी मौके का दौरा किया और अभियान का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि सुरंग के मुहाने पर रेत की हरे रंग की आठ से दस बोरियां मिली हैं जिनपर ‘कराची’ और ‘शकरगढ़’ लिखा है। उनपर दर्ज निर्माण एवं मियाद खत्म होने की तारीख से संकेत मिलता है कि इनका हाल ही में निर्माण हुआ है। 

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उन्होंने बताया कि सुरंग से पाकिस्तानी सीमा चौकी ‘गुलजार’ की दूरी करीब 700 मीटर है। बीएसएफ ने इस मोर्चे पर घुसपैठ की आशंका के बीच पाकिस्तान की गहरी संलिप्तता की ओर इशारा किया। बल ने बयान में कहा, ‘‘ इस सुरंग का पता लगाने के साथ सतर्क बीएसएफ जवानों ने भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की पाकिस्तानी साजिश को नाकाम कर दिया है। यह सुरंग अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तानी इलाके से शुरू होती है।’’ बल की जम्मू फ्रंटियर शाखा ने कहा, ‘‘ हमारे घुसपैठ रोधी बहुस्तरीय व्यूह में तैनात बीएसएफ जवानों की सतर्कता से एक बार फिर पाकिस्तानी संस्थान की संलिप्तता वाले आतंकी मंसूबों को नाकाम किया गया है।’’ बयान में कहा गया, ‘‘ पाकिस्तान के इलाके में बसे गांवों में आतंकवादियों की मौजूदगी की लगातार सूचना मिल रही है जो भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ करने की फिराक में हैं लेकिन सतर्क बीएसएफ जवानों ने देश विरोधी तत्वों के भारत में दाखिल होने और आतंकवादी गतिविधियां करने के मंसूबों को नाकाम कर दिया है।’’ जामवाल ने कहा, ‘‘सुरंग को देखकर मैं कह सकता हूं कि इसमें पाकिस्तानी प्रतिष्ठान का हाथ है और उसकी जानकारी में इसे बनाया गया।’’ उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘ रेत की बोरियों पर दर्ज तारीख से संकेत मिलता है कि सुरंग हाल में खोदी गई थी। हम पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।’’ उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगते पंजाब में पांच हथियारबंद घुसपैठियों के हाल में मारे जाने के बाद बीएसएफ ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बड़ा सुरंग खोज अभियान चलाया है। पाकिस्तान से लगती करीब 3,300 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी बीएसएफ के हाथों में है और पहले भी सीमा से लगते जम्मू के इलाकों में सुरंगों का पता चला है।





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