BSF ने पाकिस्तान और बांग्लादेश की सीमा चौकियों पर 15 अगस्त को ‘इंडिपेंडेंस डे वॉक’ का आदेश दिया

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अगस्त 9, 2020   17:28
BSF ने पाकिस्तान और बांग्लादेश की सीमा चौकियों पर 15 अगस्त को ‘इंडिपेंडेंस डे वॉक’ का आदेश दिया

बीएसएफ ने पाकिस्तान और बांग्लादेश की सीमा चौकियों पर 15 अगस्त को ‘इंडिपेंडेंस डे वॉक’ का आदेश दिया है।अधिकारियों ने बताया कि बीएसएफ प्रमुख एस. एस. देसवाल के निर्देश पर यहां मुख्यालय ने छह अगस्त को यह आदेश जारी किया। देसवाल ने बीएसफ में कुछ फिटनेस कार्यक्रम शुरू किये हैं। इस बल में करीब ढाई लाख कर्मी हैं।

नयी दिल्ली। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने पाकिस्तान और बांग्लादेश मोर्चे पर अपनी सभी सीमा चौकियों और क्षेत्रीय इकाइयों में 15 अगस्त को ‘इंडिपेंडेंस डे वॉक’ आयोजित करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। बीएसएफ मुख्यालय ने अपने सभी कमांडरों से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि एक वरिष्ठ अधिकारी अन्य कार्यालयों एवं प्रशिक्षण केंद्रों के साथ ही पाकिस्तान और बांग्लादेश मोर्चे पर हर सीमा चौकी पर 14 और 15 अगस्त की दो रातें गुजारें। यह 74वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का हिस्सा है। अधिकारियों ने बताया कि बीएसएफ प्रमुख एस. एस. देसवाल के निर्देश पर यहां मुख्यालय ने छह अगस्त को यह आदेश जारी किया। देसवाल ने बीएसफ में कुछ फिटनेस कार्यक्रम शुरू किये हैं। इस बल में करीब ढाई लाख कर्मी हैं। 

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देसवाल पिछले चार महीने से बीएसएफ के प्रमुख का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे हैं। वह भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के नियमित महानिदेशक हैं। आईटीबीपी के कंधों पर चीन के साथ लगती 3,488 किलोमीटर की वास्तविक नियंत्रण रेखा की चौकसी की जिम्मेदारी है। अधिकारियों के मुताबिक, देसवाल ने आईटीबीपी में भी कुछ ऐसी ही गतिविधियां प्रारंभ की हैं। पंद्रह अगस्त से संबंधित आदेश में कहा गया है कि जो अधिकारी सीमा चौकियों पर जायेंगे वे चार चीजें : ध्वजारोहण, पौधारोपण, चौकी के सभी कर्मियों एवं अधिकारियों के साथ दस किलोमीटर का ‘इंडिपेंडेंस डे वॉक’ एवं ‘शानदार कार्य’ करने वाले 50 चयनित कर्मियों के साथ ‘बड़ाखाना’ या वृहद् भोज का आयोजन करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि सभी कोविड-19 नियमों एवं एहतियातों का पालन किया जाए एवं ‘संवेदनशील’ चौकियों पर सुरक्षा चिंताओं का ख्याल रखा जाए। देसवाल ने आदेश दिया कि सभी मोटे कर्मियों की पहचान की जाए और उन्हें शारीरिक प्रशिक्षण के लिए भेजा जाए। वह स्वयं ही वरिष्ठ अधिकारियों एवं अन्य कर्मियों के साथ कई ऐसे वाकिंग और ट्रेकिंग सत्र में भाग ले चुके हैं।





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