उज्जैन में डॉक्टर की लापरवाही का मामला आया सामने, कोरोना पॉजिटिव बता कर लगा दिए इंजेक्शन, मौत के बाद रिपोर्ट बताई निगेटिव

उज्जैन में डॉक्टर की लापरवाही का मामला आया सामने, कोरोना पॉजिटिव बता कर लगा दिए इंजेक्शन, मौत के बाद रिपोर्ट बताई निगेटिव

कोरोना होने की आशंका के चलते बीमार महिला का कोरोना वायरस टेस्ट भी कराया गया। जिसके बाद डॉक्टर ने टेस्ट रिपोर्ट में महिलाओं को पॉजिटिव बता कर 6 रेमडेसिविर इंजेक्शन का डोज लगने की सलाह दी। जिसके लिए डॉक्टर द्वारा सलाह भी दी गई कि शहर के नाहटा मेडिकल पर रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध है, लेकिन ब्लैक में खरीदना पड़ेंगे।

उज्जैन। कोरोना संक्रमण के चलते जहां लोग इलाज को लेकर परेशान है वही कुछ ऐसे भी मामले सामने आ रहे है जहाँ अस्पताल संचालक व डॉक्टर मरीजों से कोरोना के नाम पर लाखों रूपए की वसूल कर रहे है साथ ही डॉक्टरों की लापरवाही भी सामने आ रही है। ऐसा ही एक मामला मध्य प्रदेश के उज्जैन में सामने आया है। जहाँ सेल्स टैक्स विभाग में किलर्क के पद पर काम करने वाली 41 वर्षीय महिला की तबीयत खराब होने से उसे उज्जैन माधव नगर हॉस्पिटल में 12 अप्रैल को भर्ती कराया गया था। 

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कोरोना होने की आशंका के चलते बीमार महिला का कोरोना वायरस टेस्ट भी कराया गया। जिसके बाद डॉक्टर ने टेस्ट रिपोर्ट में महिलाओं को पॉजिटिव बता कर 6  रेमडेसिविर इंजेक्शन का डोज लगने की सलाह दी। जिसके लिए डॉक्टर द्वारा सलाह भी दी गई कि शहर के नाहटा मेडिकल पर रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध है, लेकिन ब्लैक में खरीदना पड़ेंगे। वही मरीज महिला कृष्णा वसेन को उनकी बेटियों ने अपनी माँ की जान बचाने के लिए 15 से 25 हजार में इंजेक्शन खरीद कर लगवाएं। उसके बाद भी महिला की मौत हो गई। बाद में रिपोर्ट नेगेटिव बता कर डॉक्टरों ने अपना पल्ला झाड़ लिया। जिसके बाद मृतक महिला की बेटियों  ने अस्पताल के सामने धरना दे दिया और डॉक्टर की लापरवाही बताते हुए उस पर आरोप लगाए है। 

 

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मृतक महिला की तीन बेटियों का आरोप है कि जब हमारी माता जी कोरोना वायरस से नेगेटिव थी, तो उन्हें  रेमडेसिविर इंजेक्शन क्यों लगाया गया। जिसमें एक से डेढ़ लाख रूपए में हमने इंजेक्शन ब्लैक में खरीद कर हमारी माता जी की जान बचाने की कोशिश की। लेकिन डॉक्टरों के लापरवाही को देखते हुए हमारी माता जी हमारे बीच से चली गई। वही अस्पताल के सामने धरने पर बैठी मृतक महिला की बेटियों और हंगामे की खबर लगी तो कलेक्टर ने इस पर संज्ञान लेते हुए एसडीएम को पूरी जानकारी लेकर मामले को शांत करवाने के आदेश दिए है। 





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