CBI ने मुंबई में CPWD इंजीनियर और 4 अन्य को 50 लाख की घूसखोरी में पकड़ा

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने मुंबई के वडाला में जमीन की एनओसी देने के बदले रिश्वत लेने के आरोप में सीपीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के मुताबिक कुल 70 लाख रुपये की मांग की गई थी, जिसमें से 50 लाख रुपये लेते हुए आरोपी के रिश्तेदार और रियल एस्टेट अधिकारियों को रंगे हाथ पकड़ा गया। बाकी रकम बाद में दी जानी थी।
नयी दिल्ली, दो अक्टूबर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मुंबई में जमीन के एक टुकड़े के संबंध में अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी करने के लिए कथित तौर पर 50 लाख रुपये की रिश्वत लेने के मामले में केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) के एक कार्यकारी अभियंता, उसके एक रिश्तेदार और मुंबई स्थित रियल एस्टेट समूह के तीन अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि सीपीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता विक्रांत वर्मा, उनके रिश्तेदार सौरव गुप्ता, रियल एस्टेट समूह (बाया ग्रुप ऑफ कंपनीज) के उपाध्यक्ष अरविंद सेमवाल, प्रबंधक चेतन महाजन और बाया ग्रुप के तहत आने वाली साझेदारी कंपनी रेनसां में साझेदार अनिल देशमुख के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
सीबीआई के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, आरोप है कि आरोपी कार्यकारी अभियंता ने मुंबई के वडाला में जमीन के एक टुकड़े के संबंध में एनओसी जारी करने के लिए अपने रिश्तेदार के माध्यम से एक करोड़ रुपये के अनुचित लाभ की मांग की, जिसे बाद में 70 लाख रुपये पर तय किया गया। एनओसी में यह कहा जाना था कि उक्त जमीन पर सीपीडब्ल्यूडी का कोई दावा नहीं है और रियल एस्टेट समूह वहां निर्माण परियोजना शुरू करना चाहता था। सीबीआई प्रवक्ता के बयान के अनुसार, पत्र 50 लाख रुपये के भुगतान के बदले जारी किया गया था और बाकी 20 लाख रुपये का भुगतान एक सप्ताह बाद किया जाना था।
बयान में कहा गया, सीबीआई ने एक अक्टूबर को जाल बिछाया और आरोपी सरकारी कर्मचारी के रिश्तेदार को 50 लाख रुपये की रिश्वत की रकम ले जाते हुए पकड़ लिया। उसने यह रकम कार्यकारी अभियंता की ओर से रियल एस्टेट समूह के उपाध्यक्ष से स्वीकार की थी। प्रवक्ता ने बताया कि कार्यकारी अभियंता को नवी मुंबई के वाशी में पकड़ा गया, जहां वह रिश्वत की रकम लेने के लिए इंतजार कर रहा था।
बयान में कहा गया, रियल एस्टेट समूह के एक प्रबंधक और एनओसी मांगने वाली कंपनी के एक साझेदार को भी गिरफ्तार किया गया, जो लेन-देन के दौरान वहां मौजूद थे। सभी पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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