CBI ने I&B Ministry अधिकारी को 10 लाख रिश्वत मामले में पकड़ा, पत्नी के जरिए ली थी रकम

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में तैनात उप लेखा नियंत्रक संदीप को एक निजी कंपनी के अनुबंध नवीनीकरण के बदले रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी ने एक कारोबारी से 15 लाख रुपये मांगे थे, लेकिन बातचीत के बाद वह 10 लाख रुपये में तैयार हो गया और अपनी पत्नी के जरिए यह राशि स्वीकार करते पकड़ा गया।
सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने अपने आंतरिक वित्तीय सलाहकार (आईएफए) के ख़िलाफ 10 लाख रुपये की कथित रिश्वत की मांग की शिकायत पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को अलर्ट किया, जिसके बाद उस अधिकारी को गिरफ़्तार कर लिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि मंत्रालय को रिश्वत की कथित मांग के बारे में शिकायत मिली थी जिसके बाद मामले को जांच के लिए सीबीआई को सौंप दिया गया क्योंकि भ्रष्टाचार कतई बर्दाश्त नहीं करने की सरकार की नीति है।
अधिकारियों ने बताया कि मंत्रालय से मिली जानकारी और ‘वेंडर’ की औपचारिक शिकायत पर कार्रवाई करते हुए सीबीआई ने ‘इंडियन सिविल अकाउंट्स सर्विस’ के 2020 बैच के अधिकारी और मंत्रालय में आईएफए के तौर पर तैनात उप लेखा नियंत्रक संदीप को गिरफ़्तार किया। आरोप है कि संदीप यह रिश्वत एक निजी कंपनी के अनुबंध के नवीनीकरण की फ़ाइल को मंज़ूरी देने और उसकी प्रक्रिया तेज़ करने के लिए मांगी थी। उन्होंने बताया कि संदीप ने नवीनीकरण फ़ाइल की प्रक्रिया पूरी करने के लिए एक कारोबारी से 15 लाख रुपये की मांग की थी।
सीबीआई प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ‘‘बातचीत के बाद, आरोपी शिकायतकर्ता से 10 लाख रुपये की रिश्वत लेने को तैयार हो गया। ’’ प्रवक्ता ने बताया कि एजेंसी ने मंगलवार को जाल बिछाया और आरोपी अधिकारी को अपनी पत्नी के ज़रिए 10 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा।
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