क्या 40 की उम्र में संभव है LLB? BCI के नए नियमों के तहत Age Limit और Career Switch पर एक विशेष रिपोर्ट

बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के अनुसार भारत में वकील बनने के लिए कोई ऊपरी आयु सीमा निर्धारित नहीं है जिससे किसी भी उम्र में कानून की पढ़ाई संभव है। 12वीं या स्नातक के बाद एलएलबी पाठ्यक्रमों में प्रवेश और एआईबीई परीक्षा उत्तीर्ण कर पेशेवर लाइसेंस प्राप्त किया जा सकता है।
अक्सर लोग अपना करियर स्विच करने का जरुर सोचते हैं। जब लोग 30-40 की उम्र में पहुंच जाते हैं, तो किसी न किसी कोर्स को करने का सोचते हैं। इन्हीं में से एक है कानून की पढ़ाई। अक्सर लोगों के मन में यह सवाल जरुर आता है कि इस उम्र में लॉ किया जाना सही है या नहीं?
इस लेख में हम आपको बताने जा रहे हैं कि बार काउंसलिंग द्वारा वकील बनने की अधिकतम उम्र क्या है? आइए आपको इसके लिए अनिवार्य योग्यता और जरुरी जानकारी के बारे में जरुर बताएंगे।
वकील बनने की उम्र क्या है?
असल में भारत में वकील बनने के लिए न्यूनतम आयु सीमा से लेकर बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के नियमों में स्पष्ट प्रावधान है। खासतौर पर एलएलबी (LLB) कोर्स में एडमिशन लेने के लिए कोई ऊपरी उम्र सीमा तय नहीं है, यानी अब आप किसी भी उम्र में कानून की पढ़ाई शुरु कर सकते हैं। इतना ही नहीं, बार काउंसिल में एक वकील के रुप में अपना नाम दर्ज कराने और कोर्ट में प्रैक्टिस करने के लिए आपकी उम्र कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए। इसका सीधा मतलब यही है कि पढ़ाई पूरी करने के बाद जब आप अपना लाइसेंस बनवाने जाते हैं, तो उस समय आपकी आयु 21 साल पूरी होना जरुरी है।
वकील बनने के लिए जरुरी योग्यता
- 12वीं के बाद कानून की पढ़ाई कर सकते हैं, आपको किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं कक्षा पास होना जरुरी है।
- सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए कम से कम 45% से 50% अंक और आरक्षित श्रेणियों के लिए नियमों के अनुसार छूट मिलती है।
- यदि आप ग्रेजुएशन के बाद बकील बनाना चाहते हैं, तो आप किसी भी विषय में स्नातक की डिग्री होना बेहद जरुरी है।
- इसके अतिरिक्त, आपके अंदर यह योग्यताएं जरुर होनी चाहिए। लोगों की बातें सुनने, तर्क करने, मामलों को गहराई से समझने और अंग्रेजी या हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ होना जरुरी है।
वकील बनने के लिए क्या पढ़ाई करना होती है?
वैसे वकील बनने के लिए आपको लॉ डिग्री हासिल करनी होगी। पढ़ाई के मुख्य रुप से दो ऑप्शन होते हैं, आइए आपको बताते हैं-
- पहला रास्ता 5 साल का इंटीग्रेटेड कोर्स है, जिसे आप 12वीं कक्षा के तुरंत बाद चूज कर सकते हैं, जैसे बीए-एलएलबी, बीबीए-एलएलबी या बीएससी-एलएलबी।
- दूसरा रास्ता- 3 साल का एलएलबी कोर्स है, जिसे आप अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री पूरी करने के बाद कर सकते हैं। इस कोर्स में देश का संविधान, आपराधिक कानून, दीवानी कानून और अदालती कार्यवाही की बारीकियों के बारे में विस्तार से पढ़ाया और सिखाया जाएगा।
प्रोफेशनल वकील बनने के लिए क्या करें?
अगर आपको प्रोफेशनल वकील बनाना है, तो इसके लिए पहले CLAT या अन्य लॉ एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी करके किसी अच्छे कॉलेज में एडमिशन लेना अनिवार्य है। जब कॉलेज की पढ़ाई पूरी हो जाए, तो आपको 'ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन ' (AIBE) पास करना जरुरी है।
जब आप इस परीक्षा को पास कर लेते हैं, तो आपको बार काउंसिल की ओर से प्रैक्टिस करने का आधिकारिक प्रमाण पत्र या सनद (License) मिल जाता है। जिसके बाद आप किसी भी एक्सपीरियंस वकील के साथ जूनियर के रुप में इंटर्नशिप करके कोर्ट के कामकाज का अनुभव ले सकते हैं।
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