NEET paper leak: CBI ने आरोपपत्र में 13 गिरफ्तारियों का क्रमवार ब्योरा अदालत में सौंपा

NEET paper leak: CBI ने आरोपपत्र में 13 गिरफ्तारियों का क्रमवार ब्योरा अदालत में सौंपा
प्रतिरूप फोटो

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने दिल्ली की अदालत में दाखिल अपनी चार्जशीट में 13 मई से 26 मई के बीच राजस्थान, महाराष्ट्र और हरियाणा से हुई कार्रवाई का विवरण दिया है। जांच एजेंसी के अनुसार मोबाइल उपकरणों की फॉरेंसिक इमेजिंग से हटाए गए व्हाट्सऐप चैट और लीक प्रश्नपत्र वाले पीडीएफ दस्तावेज बरामद किए गए हैं। वर्तमान में इस मामले के सभी तेरह आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं।

नयी दिल्ली, सात अगस्त दिल्ली की एक अदालत में नीट प्रश्नपत्र लीक के सिलसिले में हाल में दाखिल केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के आरोपपत्र में इस मामले में हुई ‘‘गिरफ्तारियों के क्रम’’ का विवरण दिया है। इस मामले में वर्तमान में 13 आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। आरोपपत्र के अनुसार, एजेंसी ने 13 मई से अपनी कार्रवाई शुरू की थी, जिसके तहत राजस्थान में सबसे पहले मंगलीलाल, दिनेश और विकास बिवाल को गिरफ्तार किया गया।

उनके मोबाइल फोन में 29 अप्रैल को टेलीग्राम के माध्यम से प्राप्त लीक हुआ पीडीएफ मिला था। इसके अनुसार, उसी दिन एजेंसी ने गुरुग्राम में यश यादव और नासिक में शुभम खैरनार को गिरफ्तार किया। खैरनार के बारे में पता चला कि उसने लीक हुए रसायन विज्ञान के प्रश्नों को बांटने में समन्वय किया था।

आरोपपत्र के अनुसार, 13 मई को एक और महत्वपूर्ण गिरफ्तारी पुणे में धनंजय लोखंडे की हुई, जिसने पकड़े जाने से पहले सबूत मिटाने के लिए अपना फोन नष्ट करने का कथित तौर पर प्रयास किया था। अगले दिन पुणे में मनीषा संजय वाघमारे को गिरफ्तार किया गया। एजेंसी ने उनसे पूछताछ करने के बाद कथित षडयंत्रकर्ता पी. वी. कुलकर्णी को 15 मई को लातूर से गिरफ्तार किया।

इसके बाद 16 मई को पुणे से मनीषा मंधारे को गिरफ्तार किया गया। लातूर में एक कोचिंग सेंटर के संस्थापक शिवराज मोतेगांवकर को 17 मई को हिरासत में लिया गया। इस मामले में अंतिम गिरफ्तारियां 22 मई को लातूर से मनीषा संजय हवलदार की तथा 26 मई को पुणे से तेजस शाह और लातूर से डॉ. मनोज शिरूरे की हुईं।

आरोपपत्र में कहा गया कि मोबाइल उपकरणों की ‘फॉरेंसिक इमेजिंग’ के माध्यम से इस साजिश का खुलासा हुआ, जिसमें हटाई गई व्हाट्सऐप चैट और लीक हुए प्रश्नों वाले पीडीएफ दस्तावेज बरामद किए गए। राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (स्नातक) यानी नीट-यूजी का आयोजन चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए एनटीए द्वारा किया जाता है। गत 12 मई को एनटीए ने प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बीच चिकित्सा पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए तीन मई को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा को रद्द कर दिया था।

गत 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई थी। बाद में, विरोध प्रदर्शनों के बाद नीट प्रश्नपत्र लीक विवाद को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया था।

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