कोयला चोरी मामला: करीब डेढ़ घंटे चली अभिषेक बनर्जी की पत्नी से CBI की पूछताछ

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 23, 2021   14:32
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कोयला चोरी मामला: करीब डेढ़ घंटे चली अभिषेक बनर्जी की पत्नी से CBI की पूछताछ

सीबीआई की टीम के वहां पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने भतीजे एंव तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी के दक्षिण कोलकाता में हरीश मुखर्जी रोड स्थित आवास पर उनसे मुलाकात करने पहुंची।

कोलकाता।सीबीआई की एक टीम मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी के दक्षिण कोलकाता स्थित आवास पर उनकी पत्नी रुजिरा से कथित कोयला चोरी मामले में पूछताछ की। डेढ़ घंटे तक चली पूछताछ के बाद सीबीआई की टीम अभिषेक बनर्जी के घर से निकल गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। सीबीआई की टीम के वहां पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने भतीजे एंव तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी के दक्षिण कोलकाता में हरीश मुखर्जी रोड स्थित आवास पर उनसे मुलाकात करने पहुंची। ममता यहां केवल 10 मिनट ही रुकी थीं। तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी की पत्नी रुजिरा बनर्जी ने सोमवार को सीबीआई के समन का जवाब देते हुए कहा कि कथित कोयला चोरी घोटाले में पूछताछ के लिए वह23 फरवरी 2021 को पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न तीन बजे तक उपलब्ध रहेंगी। सूत्रों ने बताया कि अवैध कोयला उत्खनन मामले में सीबीआई ने रुजिरा के बैंक लेनदेन का विवरण मांगा है। सीबीआई ने सोमवार को रुजिरा की बहन मेनका गंभीर से भी इस मामले में पूछताछ की थी।

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सीबीआई की दो महिला अधिकारी पूछताछ के लिए सोमवार को रुजिरा की बहन मेनका गंभीर के कोलकाता स्थित आवास पहुंची थी और उनसे करीब तीन घंटे तक पूछताछ की थी। सत्तारूढ पार्टी ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों से पहले तृणमूल कांग्रेस के नेता के रिश्तेदारों से एजेंसी पूछताछ कर रही है। राज्य में अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। केन्द्रीय जांच एजेंसी ने गत नवंबर में चोरी रैकेट के कथित सरगना मांझी उर्फ लाला, ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (ईसीएल) के महाप्रबंधकों-अमित कुमार धर (तत्कालीन कुनुस्तोरिया क्षेत्र और अब पांडवेश्वर क्षेत्र)तथा जयेश चंद्र राय (काजोर क्षेत्र) , ईसीएल के सुरक्षा प्रमुख तन्मय दास, क्षेत्र सुरक्षा निरीक्षक, कुनुस्तोरिया, धनंजय राय और एसएसआई एवं काजोर क्षेत्र के सुरक्षा प्रभारी देबाशीष मुखर्जी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। आरोप है कि मांझी उर्फ लाला कुनुस्तोरिया और काजोर क्षेत्रों में ईसीएल की पट्टे पर दी गईं खदानों से कोयले के अवैध खनन और चोरी में लिप्त हैं।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


म्यांमा में घटनाक्रम पर करीबी नजर हैं, सभी मुद्दे शांतिपूर्ण तरीके से सुलझने चाहिए : विदेश मंत्रालय

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 6, 2021   09:39
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म्यांमा में घटनाक्रम पर करीबी नजर हैं, सभी मुद्दे शांतिपूर्ण तरीके से सुलझने चाहिए : विदेश मंत्रालय

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि म्यांमा में सैन्य तख्ता पलट के बाद से वहां के 16 नागरिक भारत आए हैं और मिजोरम में शरण ली है। दावा है कि उनमें से 11 पुलिसकर्मी हैं।

म्यांमा में सैन्य तख्ता पलट और अशांति की पृष्ठभूमि में भारत ने शुक्रवार को कहा कि वह हालात पर करीब से नजर रखे हुए है और इस संबंध में साझेदार देशों से बातचीत भी कर रहा है। साथ ही उसने सभी मुद्दों को बातचीत के जरिए शांति से सुलझाने पर जोर दिया। म्यांमा से पुलिसकर्मियों सहित कुछ लोगों के भारत की सीमा में प्रवेश करने और मिजोरम में शरण लेने की खबरों के बीच विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह ‘‘तथ्यों का सत्यापन” कर रहा है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि म्यांमा में सैन्य तख्ता पलट के बाद से वहां के 16 नागरिक भारत आए हैं और मिजोरम में शरण ली है। दावा है कि उनमें से 11 पुलिसकर्मी हैं।

 

पत्रकार वार्ता में इस बारे में सवाल करने पर मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘फिलहाल हम तथ्यों का सत्यापन कर रहे हैं, इस संबंध में अधिक सूचना के साथ आपको उत्तर देंगे।’’ म्यांमा के विस्थापित लोगों की सहायता के लिए भारत द्वारा पिछले सप्ताह तटरक्षक के दो जहाज भेजे जाने के संबंध में श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘हमारे तटरक्षक कर्मी नावों पर सवार लोगों को मेडिकल, भोजन, पेयजल सहित अन्य मानवीय सहायता प्रदान कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम बांग्लादेश के संपर्क में हैं ताकि उन्हें उनके मूल स्थान (बांग्लादेश) सुरक्षित भेजा जा सके।





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केन्द्र सरकार को महंगाई पर काबू पाने के लिये समय रहते कदम उठाने चाहिए : अशोक गहलोत

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 6, 2021   09:27
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केन्द्र सरकार को महंगाई पर काबू पाने के लिये समय रहते कदम उठाने चाहिए : अशोक गहलोत

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को कहा कि केन्द्र सरकार को महंगाई पर काबू पाने के लिये समय रहते कदम उठाने चाहिए वरना लोगों में असंतोष पैदा होगा जो देश हित में नहीं है।

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को कहा कि केन्द्र सरकार को महंगाई पर काबू पाने के लिये समय रहते कदम उठाने चाहिए वरना लोगों में असंतोष पैदा होगा जो देश हित में नहीं है। गहलोत ने कांग्रेस द्वारा चलाई गई ‘‘स्पीक अप अगेंस्ट प्राइस राइज मुहिम’’ में युवाओं के हिस्सा लेने की प्रशंसा करते हुए कहा, ‘‘कम्पेन (अभियान) आज दिनभर बहुत शानदार चला, लाखों नौजवानों ने इसमें भाग लिया।’’

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें गिरने के बावजूद देश में ईंधन की कीमतों में वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल और गैस की बढ़ती कीमतों ने आम जनता का जीवन मुश्किल कर दिया है। परिवहन लागत बढ़ने से महंगाई भी बढ़ती जा रही है। कम होती आमदनी, जाती हुई नौकरियां और डूबती अर्थव्यवस्था के दौर में लोग जीवनयापन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। गहलोत ने कहा, ‘‘लेकिन बहुत दुख की बात है कि सरकार को इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा।

(प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी नीत सरकार को ईंधन की कीमतें कम करनी चाहिए।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि आम आदमी को फायदा देकर उसकी क्रय शक्ति को बढाया जाये तो देश की अर्थव्यवस्था में सुधार हो सकता है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के चलते लोगों की नौकरियां चली गई है और व्यवसाय बंद हो गये हैं और ऐसी स्थिति में ईंधन की कीमतों में वृद्धि से खाद्य पदार्थो और सब्जियों के दामों में बढोत्तरी होगी और महंगाई बढेगी। उन्होंने कहा कि केन्द्र ने 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की जिसका सभी ने स्वागत किया, लेकिन बाद में यह पता चला कि पैसा ना तो राज्यों को मिला और नाहीं उद्योगों और व्यासायों को।

उन्होंने कहा कि गैस सिलेंडरों पर मिलने वाली राहत भी रोक दी गई है, हालांकि शायद इसकी अधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। राजस्थान सरकार ने लोगों को राहत पहुंचाने के लिये वैट में दो प्रतिशत की कमी की जिससे राज्य को 1000 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ लेकिन ईंधन की कीमत लगातार बढ रही हैं।





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हरियाणा के कांग्रेस विधायकों ने किसानों के प्रति एकजुटता दिखाते हुए बांह पर काली पट्टी बांधी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 6, 2021   09:22
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हरियाणा के कांग्रेस विधायकों ने किसानों के प्रति एकजुटता दिखाते हुए बांह पर काली पट्टी बांधी

हरियाणा में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के विधायकों ने शुक्रवार को यहां विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शनकारी किसानों के प्रति एकजुटता प्रकट करते हुए बांह पर काली पट्टी बांधी।

चंडीगढ। हरियाणा में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के विधायकों ने शुक्रवार को यहां विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शनकारी किसानों के प्रति एकजुटता प्रकट करते हुए बांह पर काली पट्टी बांधी।

हालांकि राज्य के गृह मंत्री अनिल विज ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विपक्षी दल के विधायकों को उस समय तो कम से कम काली पट्टियां उतार देनी चाहिये थीं, जब सदन में राष्ट्रगान और राष्ट्र गीत चल रहा था।

इससे पहले, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक कथित किसान विरोधी नीतियों और ईंधन के बढ़ते दामों तथा ऊंचे करों के विरोध में लगभग दो किलोमीटर पैदल चलकर विधानसभा पहुंचे। इस दौरान विधायकों ने केन्द्र सरकार और उसके तीन कृषि कानूनों के खिलाफ नारेबाजी भी की।





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