उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण चारधाम यात्रा स्थगित, देहरादून में पुल धंसने से यातायात बाधित

Chardham Yatra
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उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण चारधाम यात्रा को बुधवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। देहरादून के प्रेमनगर में टोंस नदी के पुल का संपर्क मार्ग धंसने से करीब 12 घंटे यातायात बाधित रहा, जिसे बाद में दुरुस्त कर दिया गया।

देहरादून, 28 जुलाई उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण मंगलवार को चारधाम यात्रा दो दिन के लिए स्थगित कर दी गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। वहीं, देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में टोंस नदी पर बने पुल का संपर्क मार्ग धंसने से करीब 12 घंटे तक यातायात बाधित रहा।

प्रदेश में कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण दो राष्ट्रीय राजमार्गों सहित 100 से अधिक सड़कें अवरुद्ध हो गईं। खराब मौसम और विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर देहरादून, चमोली, पौड़ी और रुद्रप्रयाग समेत कई जिलों में कक्षा एक से 12 तक के स्कूल बंद रखे गए। मौसम विभाग द्वारा अधिकांश जिलों के लिए जारी ‘ऑरेंज अलर्ट’ के मद्देनजर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को चौबीसों घंटे सतर्क रहने, बंद मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर खोलने तथा आपात स्थिति के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं को अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए।

गढ़वाल मंडल के आयुक्त आनंद स्वरूप ने बताया कि यात्रा मार्गों के कई स्थानों पर भूस्खलन और भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर मंगलवार और बुधवार के लिए चारधाम यात्रा स्थगित की गई। उन्होंने बताया कि मौसम अनुकूल होने पर यात्रा फिर शुरू की जाएगी। प्रेमनगर क्षेत्र के नंदा की चौकी में तड़के हुई मूसलाधार बारिश के कारण टोंस नदी पर बने पुल का संपर्क मार्ग धंस गया, जिससे आवागमन बाधित हो गया।

अधिकारियों ने बताया कि पुल का मुख्य ढांचा सुरक्षित है लेकिन लगातार बारिश से संपर्क मार्ग के नीचे की मिट्टी बह जाने के कारण उसका एक हिस्सा धंस गया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग, जिला प्रशासन और अन्य एजेंसियों ने संयुक्त रूप से मरम्मत कार्य किया तथा करीब 12 घंटे में संपर्क मार्ग को दुरुस्त कर यातायात बहाल कर दिया गया। लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि टोंस नदी के तेज बहाव को देखते हुए उसके प्रवाह की दिशा नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने मुख्य अभियंता को घटना की प्राथमिक जांच कर तीन दिन में रिपोर्ट सौंपने और जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए हैं। पांडेय ने कहा कि जांच में किसी अधिकारी या ठेकेदार की लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी। पिछले वर्ष सितंबर में प्राकृतिक आपदा के दौरान यह पुल क्षतिग्रस्त हो गया था।

इसके बाद निकट ही अस्थायी पैंटून पुल बनाया गया था, जो इस महीने 12 जुलाई को भारी बारिश में बह गया। इसके बाद मरम्मत किए गए मूल पुल को यातायात के लिए खोला गया था। इस बीच, कांग्रेस ने पुल की मरम्मत की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।

कांग्रेस ने कार्यों की गुणवत्ता को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार ने प्रदेश की जड़ें खोखली कर दी हैं, जहां 16 करोड़ रुपए की लागत से मरम्मत किया गया पुल 16 दिन भी नहीं टिक सका। कांग्रेस की प्रदेश इकाई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने लोक निर्माण मंत्री को बर्खास्त करने और पुल की मरम्मत की निगरानी करने वाले अभियंता के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की।

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