मुख्यमंत्री चौहान ने पद्म सम्मान से सम्मानित सुमित्रा महाजन, डॉ. कपिल तिवारी और भूरी बाई को दी बधाई

मुख्यमंत्री चौहान ने पद्म सम्मान से सम्मानित सुमित्रा महाजन, डॉ. कपिल तिवारी और भूरी बाई को दी बधाई

मुख्यमंत्री ने कहा कि झाबुआ जिले की चित्र कलाकार भूरी बाई की प्रतिभा मौलिक है। उन्होंने भोपाल आकर भारत भवन में मजदूरी की, साथ में वे चित्रकारी भी करती थीं। उनकी प्रतिभा को पहचाना गया। उन्हें जनजातीय संग्रहालय भोपाल की दीवारों पर चित्र बनाने का मौका मिला।

भोपाल। भारत सरकार द्वारा पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को पद्म भूषण और डॉ. कपिल तिवारी एवं चित्रकार भूरी बाई को पद्मश्री सम्मान से विभूषित किया गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजे जाने पर सुमित्रा महाजन, डॉ.कपिल तिवारी और भूरी बाई को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि इससे मध्य प्रदेश गौरवान्वित हुआ है।

इसे भी पढ़ें: मध्य प्रदेश में दो करोड़ पात्र परिवारों को आयुष्मान कार्ड

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा है कि पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने राजनीति को सेवा का माध्यम समझा और हमेशा विकास को सर्वोपरि रखा। जन कल्याण के लिए समर्पित सुमित्रा महाजन ने क्षेत्रीय विकास सहित देश और समाज के लिए उत्कृष्ट योगदान दिया है। पद्म भूषण सम्मान के लिए उन्हें बहुत बधाई और शुभकामनाएं।

इसे भी पढ़ें: इंदौर में भाजपा के प्रदेश पदाधिकारियों की 30 और 31 को कामकाजी बैठक

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि लोक संस्कृति के विद्वान, मध्य प्रदेश आदिवासी लोककला अकादमी के पूर्व संचालक डॉ. कपिल तिवारी ने लोक कलाओं और लोक कलाकारों के  सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने जनजाति बहुल क्षेत्रों से लोक कलाकारों को खोज कर उन्हें राष्ट्रीय- अंतर्राष्ट्रीय मंच प्रदान किया। लोक कला, परंपरा, संस्कृति, भाषा और साहित्य के विकास तथा दस्तावेजीकरण के लिए उनका योगदान उत्कृष्ट रहा है। पद्मश्री सम्मान के लिए उन्हें बहुत बधाई और शुभकामनाएं।

इसे भी पढ़ें: स्व. राजमाता के रास्ते पर चलकर महिलाओं को सशक्त बनाएं, यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री ने कहा कि झाबुआ जिले की चित्र कलाकार भूरी बाई की प्रतिभा मौलिक है। उन्होंने भोपाल आकर भारत भवन में मजदूरी की, साथ में वे चित्रकारी भी करती थीं। उनकी प्रतिभा को पहचाना गया। उन्हें जनजातीय संग्रहालय भोपाल की दीवारों पर चित्र बनाने का मौका मिला। उनके द्वारा बनाए गए चित्रों तथा कैनवास पेंटिंग से अन्तर्राष्ट्रीय प्रसिद्धि मिली। कला के क्षेत्र में की गई साधना और मेहनत के लिए उन्हें पद्मश्री सम्मान मिला है। इसके लिए उन्हें बहुत बधाई और शुभकामनाएं।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।