IIT Kanpur के शोधार्थी सुसाइड केस में CIC ने मांगी जांच रिपोर्ट की स्थिति

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केंद्रीय सूचना आयोग ने आईआईटी कानपुर से पूछा है कि पीएचडी छात्र की मौत की जांच किस चरण में है ताकि रिपोर्ट पिता को सौंपी जा सके। संस्थान ने पूर्व में पुलिस जांच जारी रहने का हवाला देकर आरटीआई के तहत दस्तावेज देने से मना कर दिया था। मृतक छात्र के पिता ने सूचना के अधिकार के तहत आंतरिक समिति की रिपोर्ट मांगी थी।

नयी दिल्ली, सात अक्टूबर केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी)-कानपुर से यह बताने के लिए कहा है कि क्या एक पीएचडी शोधार्थी की आत्महत्या के मामले की जांच इस चरण तक पहुंच गई है कि उसके पिता को संस्थान की आंतरिक जांच रिपोर्ट दी जा सके। संस्थान ने पहले जांच जारी होने का हवाला देते हुए रिपोर्ट देने से इनकार कर दिया था। पीएचडी शोधार्थी अंकित यादव (24) ने 10 फरवरी 2025 को आत्महत्या कर ली थी।

उस समय वह आईआईटी कानपुर में रसायन विज्ञान में पीएचडी कर रहे थे। यादव के कमरे से एक कथित सुसाइड नोट मिला था, जिसमें उन्होंने लिखा था कि उन्होंने अपनी इच्छा से यह कदम उठाया और इसके लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाए। अंकित के पिता राम सूरत यादव ने सूचना का अधिकार कानून के तहत संस्थान की जांच रिपोर्ट मांगी थी।

आईआईटी कानपुर के केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी ने सूचना का अधिकार कानून की धारा 8(1)(एच) के तहत जानकारी देने से इनकार कर दिया था। इस धारा के तहत ऐसी जानकारी न देने की छूट है, जिसके खुलासे से जांच या अपराधियों की गिरफ्तारी अथवा उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की प्रक्रिया में बाधा आ सकती है। केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी ने आयोग को बताया कि मौत के संबंध में एक आपराधिक मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है।

संस्थान ने 16 फरवरी 2025 को एक जांच समिति बनाई थी। समिति ने 18 मार्च 2025 को तथ्यों की जांच के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार की। इसके बाद संस्थान के सुरक्षा अधिकारी ने जांच अधिकारी के लिखित अनुरोध पर 16 जुलाई 2025 को यह रिपोर्ट पुलिस को दे दी थी।

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